नई दिल्ली | ममता तिवारी | वेब वार्ता
Yogi Adityanath on Ayodhya को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम लेने पर जो लोग पहले लाठी और गोली चलाते थे, वही आज आस्था के साथ खिलवाड़ होने की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने देश को केवल लूटा ही नहीं बल्कि नोंचा भी है। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े आरोपों पर कहा कि यदि किसी के पास तथ्य और प्रमाण हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) के सामने प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा निराधार आरोप लगाने बंद किए जाएं।
- सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
- राम मंदिर और आस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।
- कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
- राम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ न करने की अपील की।
- SIT के समक्ष प्रमाण पेश करने की सलाह दी।
- बिना सबूत आरोप लगाने से बचने की नसीहत दी।
Yogi Adityanath on Ayodhya: विपक्ष पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय कुछ राजनीतिक दल भगवान राम के अस्तित्व तक को नकारते थे और अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के खिलाफ अदालतों में मुकदमे लड़ते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाने वाले लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राम भक्तों की भावनाओं को समझना चाहिए और धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति करने से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख बयान
| विषय | मुख्य बयान |
|---|---|
| राम मंदिर | राम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ न करें। |
| विपक्ष | पहले राम का विरोध करने वाले आज आस्था की बात कर रहे हैं। |
| कांग्रेस | देश को लूटा ही नहीं, नोंचा भी। |
| SIT जांच | प्रमाण हैं तो एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। |
राम मंदिर मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी और ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ सभी के सामने आएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी के पास तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगाने से केवल भ्रम की स्थिति पैदा होती है और इससे करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं प्रभावित होती हैं।
प्रमाण होने पर एसआईटी को सौंपने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अपील की कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।
मुख्यमंत्री ने साथ ही यह भी कहा कि निराधार आरोपों से बचना चाहिए और राम भक्तों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए।




