योगी के मंच पर भाजपा-रालोद की दिखी नजदीकी, गुलाम मोहम्मद ने भी बरसाए फूल

मेरठ, 09 अगस्त (वेब वार्ता)। मेरठ के मोदीपुरम में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा के लिए बनाए गए मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के नेताओं के बीच दिखाई दी गर्मजोशी ने उत्तर प्रदेश की आगामी विधानसभा चुनावी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। मंच पर दोनों दलों के जनप्रतिनिधि एक-दूसरे से हंसते-मुस्कुराते हुए मिले और मुख्यमंत्री के साथ कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा भी की।

खास चर्चा सिवालखास से राष्ट्रीय लोक दल के विधायक गुलाम मोहम्मद की रही। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने हाथ में टोकरी लेकर कांवड़ियों पर फूल बरसाए। गुलाम मोहम्मद को पुष्पवर्षा करते देखकर मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी कौतूहल दिखाई दिया। राजनीतिक जानकार इस पूरे घटनाक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

मंच पर भाजपा और रालोद नेताओं की दिखी गर्मजोशी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर शनिवार को भाजपा और रालोद के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। भाजपा की ओर से सांसद अरुण गोविल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर, राज्य मंत्री दिनेश खटीक, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज और अश्विनी त्यागी समेत अन्य नेता मौजूद थे।

वहीं राष्ट्रीय लोक दल की ओर से बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान, बिजनौर के विधायक चंदन चौहान और सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद मंच पर पहुंचे। दोनों दलों के नेताओं के बीच जिस तरह मेल-मिलाप और बातचीत दिखाई दी, उसे आगामी विधानसभा चुनाव में संभावित गठबंधन की राजनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

गुलाम मोहम्मद की पुष्पवर्षा बनी चर्चा का विषय

सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद द्वारा कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा किए जाने ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर उन्होंने भी कांवड़ियों का स्वागत किया और फूल बरसाए।

राजनीतिक दृष्टि से सिवालखास सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है। ऐसे में विधायक गुलाम मोहम्मद की मंच पर मौजूदगी और मुख्यमंत्री के साथ पुष्पवर्षा को स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गुलाम मोहम्मद वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वर्ष 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल के चुनाव चिह्न पर समाजवादी पार्टी के समर्थन वाले गठबंधन से चुनाव जीता था। आगामी विधानसभा चुनाव में सिवालखास सीट पर राष्ट्रीय लोक दल की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

अगले कांवड़ आयोजन से पहले चुनावी समीकरण अहम

वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होना है और इसके बाद अगली कांवड़ यात्रा होगी। ऐसे में इस वर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांवड़ियों पर की गई पुष्पवर्षा को राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कांवड़ यात्रा को केंद्र में रखते हुए श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा की चर्चा की। उन्होंने कांवड़ियों पर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक समय तक पुष्पवर्षा की और यात्रा को सामाजिक एकता तथा समरसता का प्रतीक बताया।

संगीत सोम और सुनील भराला की मौजूदगी भी चर्चा में

मुख्यमंत्री के साथ पुष्पवर्षा करने वालों में सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम और भाजपा नेता सुनील भराला भी शामिल रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में संगीत सोम की सक्रियता को देखते हुए उनका मंच पर पहुंचना भी चर्चा का विषय रहा।

वहीं कई पूर्व विधायक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए। इनमें किठौर के पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, सिवालखास के पूर्व विधायक जितेंद्र सतवई, मेरठ कैंट के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, मेरठ दक्षिण के पूर्व विधायक रविंद्र भड़ाना और पूर्व विधान परिषद सदस्य सरोजिनी अग्रवाल के नाम शामिल हैं।

कांवड़ यात्रा को सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुल्हैड़ा चौकी के पास शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों की आस्था को नमन किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भक्ति, समर्पण, सामाजिक और राष्ट्रीय एकता तथा समरसता का अनुपम उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालु विभिन्न शिवालयों के साथ मेरठ के प्राचीन औघड़नाथ मंदिर और बागपत के पुरामहादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।

उन्होंने कांवड़ यात्रा को अटूट आस्था, श्रद्धा और उमंग का महापर्व बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार कांवड़ियों के चेहरों पर उत्साह और उमंग साफ दिखाई दे रही है।

जाति और भेदभाव से ऊपर सभी शिवभक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता सामाजिक एकता और समरसता है। इस यात्रा में जाति और भेदभाव की सीमाएं दिखाई नहीं देतीं। अलग-अलग क्षेत्रों और प्रदेशों से आए श्रद्धालु यहां शिवभक्त के रूप में एकजुट होते हैं और अपने आराध्य का जलाभिषेक करने के लिए आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने कांवड़ मार्ग पर शिविर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करने वाले समाजसेवियों और शिवभक्तों का भी आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शिवरात्रि तक तीन दिन होगी पुष्पवर्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शिवरात्रि तक तीन दिन कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर कड़ी सुरक्षा

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए दुल्हैड़ा चौकी और कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के साथ-साथ कांवड़ियों की सुचारु आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से व्यवस्था की थी। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर तैनात रहे।

भाजपा और रालोद नेताओं की मंच पर दिखाई दी नजदीकी को लेकर फिलहाल दोनों दलों की ओर से कोई औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दोनों दलों के नेताओं का एक मंच पर सहज दिखाई देना वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर गया है।

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