हरदोई में रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, सिनेमा चौराहे पर किया चक्का जाम

हरदोई | लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

UP Registration Rules 2024 Protest के तहत सोमवार को हरदोई में अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद भारत एवं संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नियमावली को “काला कानून” बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने और “निबंध मित्र” व्यवस्था समाप्त करने की मांग की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय से सिनेमा चौराहे तक विरोध मार्च निकालकर चक्का जाम किया तथा राज्यपाल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजने की मांग उठाई।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • हरदोई में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने धरना-प्रदर्शन किया।
  • रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 को वापस लेने की मांग उठाई गई।
  • “निबंध मित्र” व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की गई।
  • रजिस्ट्री कार्यालय से सिनेमा चौराहे तक विरोध मार्च निकाला गया।
  • प्रदर्शन के दौरान चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
  • मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई।

UP Registration Rules 2024 Protest में अधिवक्ताओं ने क्या मांगें रखीं?

अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद भारत और संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित धरना-प्रदर्शन में अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह नियमावली अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों के प्रतिकूल है।

प्रदर्शनकारियों ने “निबंध मित्र” व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग उठाई और कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या है?अधिवक्ताओं का कहना है कि नई रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 उनके पेशेवर हितों और दस्तावेज लेखकों के कार्य को प्रभावित करेगी। इसी कारण उन्होंने इसे वापस लेने और संबंधित व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए आंदोलन शुरू किया है।

प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख तथ्य

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानरजिस्ट्री कार्यालय एवं सिनेमा चौराहा, हरदोई
संगठनअखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद भारत एवं संयुक्त मोर्चा
मुख्य मांगरजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 वापस लेने की मांग
अन्य मांग“निबंध मित्र” व्यवस्था समाप्त करना
प्रदर्शन का स्वरूपधरना, विरोध मार्च और चक्का जाम

सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता शिव सेवक गुप्त ‘जय शिव’, संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष अधिवक्ता विमलेश सिंह लोध तथा अन्य पदाधिकारियों ने किया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने “काला कानून वापस लो” और “चाहे जो मजबूरी हो, हमारी मांगे पूरी हो” जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया।

सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता शिव सेवक गुप्त ‘जय शिव’ ने कहा कि जब तक सरकार रजिस्ट्रीकरण नियमावली-2024 वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन और तालाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियमावली अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों के हितों के खिलाफ है।

आगे क्या हो सकता है?प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल प्रदर्शन के माध्यम से राज्यपाल के जरिए सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की बात कही गई है।

बड़ी संख्या में अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन और विरोध मार्च में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तथा दस्तावेज लेखक शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें सरकार से नियमावली वापस लेने और अधिवक्ताओं की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।

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