Registration Department Module पर रोक की मांग, जलालाबाद में वकीलों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी

जलालाबाद | रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता

Registration Department Module के प्रस्तावित क्रियान्वयन के विरोध में शाहजहांपुर के जलालाबाद में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार 16वें दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ एवं स्टाम्प विक्रेता संघ ने प्रस्तावित मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से लागू करने पर रोक लगाने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना आवश्यक है, ताकि जनहित में व्यवहारिक समाधान निकल सके।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • जलालाबाद में अधिवक्ताओं का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा।
  • पंजीकरण विभाग के प्रस्तावित मॉड्यूल पर रोक लगाने की मांग।
  • बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ और स्टाम्प विक्रेता संघ आंदोलन में शामिल।
  • हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श की मांग उठाई गई।
  • मॉड्यूल को जनहित में व्यवहारिक बनाने की अपील।
  • मांगें न मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।

Registration Department Module का विरोध क्यों हो रहा है?

अधिवक्ता संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित मॉड्यूल सीधे तौर पर पंजीकरण व्यवस्था से जुड़ा है, जिसका प्रभाव आम नागरिकों के संपत्ति अधिकारों और न्याय तक पहुंच पर पड़ सकता है। उनका मानना है कि बिना पर्याप्त तैयारी और संबंधित पक्षों की सहमति के नई व्यवस्था लागू करना व्यवहारिक नहीं होगा।

संगठनों ने मांग की कि मॉड्यूल लागू करने से पहले अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं तथा अन्य हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं।

अधिवक्ताओं की मुख्य मांग क्या है?आंदोलनरत संगठनों की प्रमुख मांग है कि प्रस्तावित मॉड्यूल के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए जो नागरिकों, अधिवक्ताओं तथा पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े सभी वर्गों के लिए व्यावहारिक और पारदर्शी हो।

आंदोलन से जुड़े प्रमुख बिंदु

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानजलालाबाद, शाहजहांपुर
आंदोलनकारी संगठनबार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ, स्टाम्प विक्रेता संघ
मुख्य मांगप्रस्तावित मॉड्यूल के क्रियान्वयन पर रोक
हड़ताल का दिन16वां दिन
अगला कदमचरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार की असुविधा की जिम्मेदारी शासन और निबंधन विभाग की होगी।

आंदोलनरत संगठनों का कहना है कि उनका उद्देश्य नई व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि इसे व्यवहारिक और जनहितकारी बनाना है ताकि भविष्य में आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस आंदोलन का आगे क्या असर पड़ सकता है?यदि शासन और निबंधन विभाग की ओर से जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है तो पंजीकरण कार्य प्रभावित हो सकता है। वहीं यदि वार्ता के माध्यम से समाधान निकलता है तो प्रस्तावित मॉड्यूल में आवश्यक संशोधन कर सभी पक्षों की सहमति से इसे लागू किया जा सकता है।

वार्ता से समाधान की उम्मीद

अधिवक्ता संगठनों ने एक बार फिर सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि पंजीकरण व्यवस्था से जुड़े निर्णय व्यापक जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए ताकि नागरिकों और संबंधित पेशेवरों के हित सुरक्षित रह सकें।

फिलहाल जलालाबाद में अधिवक्ताओं का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है और सभी की नजर शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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