संजय चौहान
कुशीनगर 7 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार, कुशीनगर में पशुपालन विभाग की विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित समस्त गो आश्रय स्थलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गो आश्रय स्थलों को केवल पशु संरक्षण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाए। इसके लिए गो आश्रय स्थलों पर गोबर से कास्ट/कंडे, पंचगव्य उत्पाद, गोबर के दीये, वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य उपयोगी एवं रोजगारपरक उत्पाद तैयार किए जाने हेतु नवाचार को बढ़ावा दिया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इस कार्य में डीपीआरओ एवं डीसीएमआरएलएम के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे गो आश्रय स्थल आर्थिक रूप से सुदृढ़ होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकें।
उन्होंने जनपद में खुले में घूम रहे छुट्टा गोवंश को संबंधित विभागों के सहयोग से गो आश्रय स्थलों में संरक्षित किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गो आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी करते हुए साफ-सफाई, गोवंश के भरण-पोषण, हरे चारे एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी योजनाओं का निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पात्र पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के टीकाकरण एवं पशु चिकित्सा व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की तथा पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण एवं आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश द्विवेदी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चि./स्था.) डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी एवं चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।




