सिद्धार्थनगर | सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
Misrauliya Police थाना क्षेत्र के ग्राम बनकटा निवासी एक महिला ने गांव के कुछ लोगों पर ब्लैकमेलिंग, मारपीट, अश्लील हरकत और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय थाना स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि फर्जी वीडियो बनाकर उसकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है और लगातार उसे व उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। फिलहाल मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- महिला ने गांव के कुछ लोगों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया।
- पति को शराब पिलाकर दबाव बनाने का भी आरोप।
- फर्जी वीडियो बनाकर बदनाम करने की शिकायत।
- मारपीट, अश्लील हरकत और जान से मारने की धमकी का आरोप।
- स्थानीय थाने पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
- एसपी को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
Misrauliya Police मामले में महिला ने क्या आरोप लगाए?
पीड़िता के अनुसार, गांव के कुछ लोग मिलकर उसके पति को शराब पिलाकर उसे ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे हैं। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने गांव के ही एक व्यक्ति के साथ उसका फर्जी और भ्रामक वीडियो तैयार कर उसे वायरल करने की कोशिश की, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
महिला का कहना है कि आरोपियों का उद्देश्य उसे बदनाम करना और मानसिक दबाव बनाना है। उसने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामले से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना का क्षेत्र | ग्राम बनकटा, थाना मिश्रौलिया |
| मुख्य आरोप | ब्लैकमेलिंग, फर्जी वीडियो, मारपीट, अश्लील हरकत |
| घटना की तिथि | 16 जून 2026 |
| स्थानीय कार्रवाई | महिला के अनुसार कोई कार्रवाई नहीं हुई |
| वर्तमान स्थिति | एसपी से कार्रवाई की मांग |
डर के कारण रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह आरोपियों के डर से अपने रिश्तेदार के घर रहने को मजबूर हो गई है। उसका आरोप है कि आरोपी उसके रिश्तेदारों को भी कथित फर्जी वीडियो भेजकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।
महिला ने यह भी कहा कि उसने पूरे मामले की जानकारी स्थानीय थाना मिश्रौलिया पुलिस को दी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उसने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
महिला द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किसकी क्या भूमिका रही और क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




