तुलसीपुर / बलरामपुर
कमर खान
अधिवक्ताओं ने नामांतरण यानी दाखिल-खारिज की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने का विरोध किया। इस व्यवस्था के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा सामने आया।
तहसील सभागार में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कमल नयन तिवारी व महामंत्री रविंद्र कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक आमसभा हुई। महामंत्री रविंद्र कुमार मिश्र ने इसका संचालन किया। इसमें अधिवक्ताओं ने ऑनलाइन नामांतरण व्यवस्था का जमकर विरोध किया। आमसभा में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि नामांतरण की प्रक्रिया को तहसील स्तर पर भेजने के बजाय सीधे लेखपाल को भेजे जाने से अधिवक्ताओं और आम जनता के सामने नई दिक्कतें आएंगी। अधिवक्ताओं ने इस व्यवस्था पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
बैठक में उपनिबंधक कार्यालय में पंजीकृत होने वाले बैनामों के काम का बहिष्कार करने का भी फैसला किया गया। सभी ने मिलकर तय किया कि जब तक नामांतरण की ऑनलाइन प्रक्रिया बंद नहीं की जाती, तब तक तहसील न्यायालयों सहित रजिस्ट्री कार्यालय में अधिवक्ता काम नहीं करेंगे।
अधिवक्ता अवधेश शुक्ला, राम कुमार शुक्ला, रुद्रेश विक्रम सिंह,अतुल खन्ना,आनंद पाल सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए सरकार की इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करने से आम लोगों की समस्याएं कम होने के बजाय बढ़ सकती
हैं। अधिवक्ताओं ने साफ किया कि जनता की सुविधा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर बिना पर्याप्त व्यवस्था के कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कमल नयन तिवारी और महामंत्री रविंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार और प्रशासन के रवैये के खिलाफ अधिवक्ता संघ पूरी मजबूती आवाज उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दाखिल-खारिज की ऑनलाइन प्रक्रिया पर रोक संत्र नहीं लगाई जाती, तब तक अधिवक्ता आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं के इस फैसले से नो तहसील और रजिस्ट्री का कार्यालय के काम पर असर पड़ने की आशंका है। बैठक में शाह आलम, ओमकार यादव, रमेश कुमार दुबे, गणेश नाथ पाठक राजेश्वर मिश्रा वासुदेव विश्वकर्मा मनोज सोनी राजेश सोनी कांत वर्मा सुरेंद्र जायसवाल सोनू सिंह , सुनील ,सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।
ऑनलाइन दाखिल-खारिज के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय के बहिष्कार का ऐलान ।

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