गुवाहाटी | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Assam Flood 2026 के कारण असम के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार फिलहाल छह जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इस प्राकृतिक आपदा से 22,124 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
- असम के छह जिले बाढ़ से प्रभावित।
- 22,124 लोग बाढ़ की चपेट में आए।
- 96 गांव जलमग्न, 11 राजस्व सर्किल प्रभावित।
- 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान।
- अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद बिगड़े हालात।
- प्रशासन ने राहत एवं बचाव शिविर स्थापित किए।
Assam Flood 2026 से कई जिलों में बढ़ी मुश्किलें
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार धीमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई गांवों में पानी भर गया है।
प्राधिकरण के अनुसार कुल 11 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत आने वाले 96 गांव अभी भी जलमग्न हैं, जिससे हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।
हजारों लोग प्रभावित, कृषि भूमि को भारी नुकसान
ASDMA के अनुसार बाढ़ से अब तक 22,124 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा लगभग 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न होने से किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
लगातार जलभराव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है तथा कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्रभावित राज्य | असम |
| प्रभावित जिले | 6 |
| प्रभावित लोग | 22,124 |
| जलमग्न गांव | 96 |
| राजस्व सर्किल | 11 |
| क्षतिग्रस्त कृषि भूमि | लगभग 1,690 हेक्टेयर |
राहत एवं बचाव कार्य जारी
जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन सतर्क, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।




