शहडोल, 21 मई (वेब वार्ता)। शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र के बेरिहा क्षेत्र में उत्पाती हाथी को काबू में करने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें संजय गांधी और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से पहुंचे विशेष रेस्क्यू दल के साथ तीन प्रशिक्षित हाथियों को भी शामिल किया गया है।
वन विभाग के अनुसार हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। शहडोल वन मंडल के उप वनमंडल अधिकारी संतोष शुक्ला ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में वन चिकित्सक, अधिकारी और क्षेत्रीय स्तर का अमला लगातार जुटा हुआ है। प्रशिक्षित हाथियों की मदद से उत्पाती हाथी को नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है।
संतोष शुक्ला के मुताबिक रेस्क्यू दल को शुरुआती सफलता भी मिली है। उत्पाती हाथी का संपर्क अभियान में शामिल तीनों प्रशिक्षित हाथियों से हो चुका है, जिससे उसे नियंत्रित करने की संभावना मजबूत हुई है।
जानकारी के अनुसार बीती रात हाथी कुछ समय के लिए रेस्क्यू शिविर के पास भी पहुंच गया था और प्रशिक्षित हाथियों के साथ देखा गया। हालांकि बाद में वह पहाड़ी क्षेत्र की ओर निकल गया। फिलहाल विशेष दल और प्रशिक्षित हाथी उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और इलाके में लगातार गश्त की जा रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले केशवाही क्षेत्र के गिरवा गांव में खेत में सो रहे एक किसान की हाथी के हमले में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन विभाग की तीन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
वन विभाग द्वारा ‘गज रक्षक’ अनुप्रयोग के माध्यम से ग्रामीणों को समय-समय पर सतर्कता संदेश भी भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा हाथी के बस्तियों के करीब पहुंचने की स्थिति में लोगों को कच्चे मकानों से हटाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य हाथी और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।




