इंदौर, 20 मई (वेब वार्ता)। इंदौर में जलसंकट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने के बीच भाजपा के भीतर उभरी नाराजगी फिलहाल शांत होती नजर आ रही है। जल समस्या को लेकर हाल के दिनों में मुखर रहे विधायक महेंद्र हार्डिया और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के बीच बुधवार को हुई मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने मतभेद समाप्त कर शहरहित में मिलकर काम करने का संदेश दिया।
शहर में बढ़ते जलसंकट को लेकर जहां कांग्रेस पार्षद विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज रही। कुछ दिन पहले एक वार्ड स्तरीय कार्यक्रम में जल समस्या को लेकर महेंद्र हार्डिया ने नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद पहली बार जनता जलसंकट से इतनी अधिक परेशान दिखाई दे रही है और लोग लगातार अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इसी दौरान वह कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए थे, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा संगठन सक्रिय हुआ। बुधवार सुबह भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के साथ विधायक महेंद्र हार्डिया महापौर के निवास पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का स्वागत किया, दुपट्टा पहनाया और गले मिलकर आपसी संवाद का सकारात्मक संदेश दिया। इस मुलाकात को भाजपा के भीतर समन्वय और संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुलाकात के बाद कहा कि महेंद्र हार्डिया उनके लिए सम्माननीय विधायक हैं और समय-समय पर उनसे मुलाकात होती रहती है। उन्होंने कहा कि शहरहित में सभी मिलकर कार्य कर रहे हैं और जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उन्हें साझा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। महापौर ने यह भी कहा कि विधायक के अनुभवों का लाभ शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान में लिया जाएगा।
वहीं, महेंद्र हार्डिया ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं थी, बल्कि जनता की परेशानी को लेकर चिंता थी। उन्होंने कहा कि महापौर से उनकी चर्चा हो चुकी है और आने वाले एक-दो दिनों में स्थिति के परिणाम सामने आने लगेंगे। विधायक ने संकेत दिया कि जलसंकट के समाधान के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
इंदौर में जलसंकट का मुद्दा अब केवल जनसुविधा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय राजनीति का भी प्रमुख विषय बन चुका है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व की यह पहल राजनीतिक संदेश के साथ-साथ शहर की जल समस्या के समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




