रोहतक, 11 मई (वेब वार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र सांपला नगर पालिका चुनाव में इस बार मुकाबला भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच सिमटता नजर आया। रविवार को हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच, पूर्व चेयरमैन सुधीर ओहल्याण और युवा प्रत्याशी अंकित ओहल्याण के बीच मुख्य टक्कर देखने को मिली।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा के बागी उम्मीदवारों को मिलने वाले वोट चुनाव परिणाम पर बड़ा असर डाल सकते हैं। माना जा रहा है कि बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी भाजपा प्रत्याशी के जीत और हार के अंतर को प्रभावित कर सकती है। अब 13 मई को होने वाली मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा।
सांपला नगर पालिका चुनाव को केवल स्थानीय निकाय चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस चुनाव का संदेश पूरे हरियाणा में जाएगा, खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
सांपला क्षेत्र सामाजिक और भौगोलिक रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ माना जाता है। एक ओर खेड़ी सांपला गांव है तो दूसरी ओर सांपला कस्बा। इस बार चुनाव में जातीय समीकरणों की तुलना में विकास के मुद्दे अधिक प्रभावी दिखाई दिए। सड़क, सफाई, पेयजल और शहरी सुविधाओं को लेकर मतदाताओं के बीच चर्चा प्रमुख रही।
कांग्रेस की ओर से चुनाव मैदान में उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच केंद्रित हो गया। इससे चुनावी समीकरण और अधिक दिलचस्प बन गए हैं। स्थानीय स्तर पर सभी उम्मीदवारों ने अंतिम समय तक मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सांपला नगर पालिका की कमान किसके हाथों में जाएगी और इस परिणाम का प्रदेश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।




