कोलकाता, 22 मई (वेब वार्ता)। आईपीएल 2026 के 60वें मुकाबले में कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इस मैच में कोलकाता के अनुभवी खिलाड़ी मनीष पांडे ने अपनी बल्लेबाजी से अधिक शानदार फील्डिंग के कारण सुर्खियां बटोरीं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने कठिन कैच लपककर एक बार फिर साबित किया कि फिटनेस और समर्पण खेल में उम्र से कहीं अधिक मायने रखते हैं।
मुकाबले के बाद बातचीत के दौरान टिप्पणीकार हर्षा भोगले ने मनीष पांडे से उनकी फिटनेस और बेहतरीन कैचिंग का रहस्य पूछा। इस पर मनीष पांडे ने बताया कि वह फील्डिंग को अपनी तैयारी का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं और प्रतिदिन लगभग 45 मिनट केवल फील्डिंग अभ्यास के लिए समर्पित करते हैं।
मनीष पांडे ने कहा कि मौसम चाहे जैसा भी हो, वह अपने फील्डिंग सत्र को कभी नहीं छोड़ते। उनका मानना है कि मैदान पर तेज प्रतिक्रिया क्षमता और चुस्ती बनाए रखने के लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है। यही कारण है कि लंबे समय से पेशेवर क्रिकेट खेलने के बावजूद वह मैदान पर आज भी पूरी ऊर्जा और फुर्ती के साथ नजर आते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि वह गेंदबाजी नहीं करते, इसलिए टीम के लिए अन्य तरीकों से योगदान देना अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उनके अनुसार बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग भी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाती है और इसी सोच के कारण वह अभ्यास में अतिरिक्त मेहनत करते हैं।
आईपीएल 2026 में मनीष पांडे कई यादगार कैच पकड़ चुके हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टिम डेविड का उनका कैच इस सत्र के सर्वश्रेष्ठ कैचों में गिना जा रहा है। वहीं मुंबई इंडियंस के खिलाफ उन्होंने रयान रिकेलटन का मुश्किल कैच पकड़कर मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
क्रिकेट विशेषज्ञ मनीष पांडे के इस दृष्टिकोण को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक मान रहे हैं। मौजूदा दौर में जहां अधिकतर युवा बल्लेबाजी और बड़े शॉट्स पर जोर देते हैं, वहीं मनीष पांडे का उदाहरण यह संदेश देता है कि फील्डिंग भी मुकाबले का परिणाम बदल सकती है।
हाल के मुकाबलों में कुछ युवा खिलाड़ियों की फील्डिंग पर सवाल उठे हैं। ऐसे में मनीष पांडे का अनुशासन, फिटनेस और मेहनत यह साबित करती है कि सफल क्रिकेटर बनने के लिए केवल बल्लेबाजी नहीं, बल्कि खेल के हर विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन जरूरी है।




