नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (वेब वार्ता)। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में भारतीय धावकों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। प्रतियोगिता के आयोजक प्रोकैम इंटरनेशनल ने 21वें संस्करण के लिए भारतीय धावकों की सूची घोषित कर दी है। इसमें 22 पुरुष और 20 महिला धावक शामिल हैं। पुरुष वर्ग में हरमंजोत सिंह और किरण मात्रे प्रमुख दावेदारों के रूप में उतरेंगे, जबकि महिला वर्ग में लिली दास और कविता यादव अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने के इरादे से दौड़ेंगी। विश्व एथलेटिक्स की स्वर्ण श्रेणी में शामिल यह सड़क दौड़ 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगी।
हरमंजोत सिंह के लिए यह प्रतियोगिता खास होगी, क्योंकि वह पहली बार वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे। वह वर्ष 2026 में बेंगलुरु में आयोजित टीसीएस वर्ल्ड 10के दौड़ के भारतीय धावक वर्ग के विजेता रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2026 की एशियाई क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। अलवर टाइगर अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय एक घंटा, एक मिनट और 46 सेकंड है, जो इस बार के भारतीय धावकों के समूह में सबसे तेज समय है।
हरमंजोत सिंह को अपने प्रदर्शन पर भरोसा
हरमंजोत सिंह ने कहा कि बेंगलुरु में जीत और एशियाई क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप में रजत पदक मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने दिल्ली हाफ मैराथन को देश की कठिन दौड़ों में से एक बताते हुए कहा कि यहां देश के श्रेष्ठ धावकों के बीच अपनी क्षमता परखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वह 18 अक्टूबर को होने वाली प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। हाफ मैराथन की दूरी पर अनुभवी धावकों के साथ मुकाबला करना उनके लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
किरण मात्रे और डॉ. कार्तिक कारकेरा से मिलेगी चुनौती
पुरुष वर्ग में किरण मात्रे भी मजबूत दावेदार होंगे। उन्होंने वर्ष 2025 की वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में भारतीय धावकों के बीच दूसरा स्थान हासिल किया था। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने एक घंटा, चार मिनट और 57 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था।
किरण मात्रे वर्ष 2024 में बेंगलुरु की टीसीएस वर्ल्ड 10के दौड़ के भारतीय धावक वर्ग के विजेता भी रह चुके हैं। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 29 मिनट और 32 सेकंड का समय निकाला था। इस बार वह दिल्ली में अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश करेंगे।
पुरुष वर्ग में डॉ. कार्तिक कारकेरा भी चुनौती पेश करेंगे। उन्होंने वर्ष 2026 में टाटा मुंबई मैराथन की भारतीय धावक श्रेणी में जीत दर्ज की थी। पिछले वर्ष दिल्ली हाफ मैराथन में भी वह शीर्ष तीन भारतीय धावकों में शामिल रहे थे। ऐसे में हरमंजोत और किरण को उनसे कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने की उम्मीद है।
लंबे अंतराल के बाद लौटेंगे प्रिंस कुमार
उत्तर प्रदेश के धावक प्रिंस कुमार भी इस प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वह लंबे अंतराल के बाद हाफ मैराथन की स्पर्धा में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2025 की खुली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ के खिताब जीते थे। इसके अलावा वर्ष 2025 की दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक हासिल किया था।
उनकी वापसी से भारतीय पुरुष वर्ग की प्रतिस्पर्धा और रोचक होने की संभावना है। ट्रैक स्पर्धाओं में सफलता हासिल कर चुके प्रिंस अब लंबी दूरी की सड़क दौड़ में अपनी क्षमता दिखाने उतरेंगे।
महिला वर्ग में लिली दास और कविता यादव की चुनौती
महिला धावकों में लिली दास और कविता यादव प्रमुख नाम हैं। लिली दास ने वर्ष 2024 में दिल्ली हाफ मैराथन की भारतीय महिला धावक श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया था। वहीं कविता यादव वर्ष 2023 में इस वर्ग की विजेता रही थीं। दोनों धावक एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता में उतरेंगी।
हालांकि, महिला वर्ग में उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में स्टीपलचेज स्पर्धा में भाग ले चुकीं अंकिता ध्यानी भी मैदान में होंगी। उन्होंने वर्ष 2025 में अपनी पहली हाफ मैराथन में हिस्सा लेते हुए भारतीय महिला धावकों के बीच पांचवां स्थान हासिल किया था।
वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में स्टीपलचेज का कांस्य पदक जीतने वाली प्रीति लांबा भी भारतीय महिला वर्ग को मजबूती देंगी। वह दिल्ली में भारतीय धावकों के बीच शीर्ष स्थान हासिल करने का अनुभव रखती हैं। उनकी मौजूदगी से महिला वर्ग में मुकाबला और कड़ा होने की उम्मीद है।
भारतीय धावकों के लिए शुरू हुई नई प्रोत्साहन योजना
दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण में प्रोकैम इंटरनेशनल ने भारतीय लंबी दूरी के धावकों के लिए एक नई प्रोत्साहन व्यवस्था भी शुरू की है। इसका नाम ‘प्राइड’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य प्रमुख प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले भारतीय धावकों की उपलब्धियों को पहचान देना, उन्हें प्रोत्साहित करना और उनके विकास में सहयोग करना है।
यह व्यवस्था योग्यता और प्रदर्शन पर आधारित होगी। इसके अंतर्गत प्रोकैम इंटरनेशनल के आयोजनों में पंजीकरण कराने वाले सत्यापित भारतीय धावकों को पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित लाभ उपलब्ध कराने की योजना है। इसका लक्ष्य देश में लंबी दूरी की दौड़ को प्रोत्साहित करना और भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
भारतीय धावकों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता के भारतीय पुरुष और महिला वर्गों में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले धावकों को क्रमशः 3.50 लाख, 2.50 लाख और 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त भारतीय धावक वर्ग में नया प्रतियोगिता रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।
वर्तमान में पुरुष वर्ग का भारतीय रिकॉर्ड 60 मिनट 30 सेकंड है, जिसे अविनाश साबले ने वर्ष 2020 में बनाया था। महिला वर्ग का रिकॉर्ड 70 मिनट 31 सेकंड है, जो एल. सूर्या ने वर्ष 2017 में स्थापित किया था। इन रिकॉर्डों को बेहतर बनाने वाले धावकों के लिए अतिरिक्त पुरस्कार जीतने का अवसर रहेगा।
पहली बार यूट्यूब पर होगा सीधा प्रसारण
वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 में पहली बार प्रतियोगिता का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, 18 अक्टूबर को सुबह पांच बजे से प्रोकैम के आधिकारिक यूट्यूब माध्यम पर दौड़ का प्रसारण उपलब्ध रहेगा। इससे दर्शक घर बैठे प्रतियोगिता की गतिविधियां देख सकेंगे।
भारतीय धावकों की मजबूत भागीदारी, अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी, नए प्रोत्साहन कार्यक्रम और सीधे प्रसारण की व्यवस्था इस संस्करण को विशेष बनाएगी। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में कई अनुभवी खिलाड़ियों के शामिल होने से 18 अक्टूबर को होने वाली प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।




