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एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कफन ओढ़कर मांगा CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, पुलिस ने हिरासत में लिया

नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (वेब वार्ता)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को रायसीना रोड स्थित संगठन के मुख्यालय के बाहर अनूठे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कफन ओढ़कर और गले में फूलों की माला डालकर सांकेतिक प्रदर्शन किया तथा सड़क पर लेटकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपना विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न पोस्टर और बैनर थे, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने ‘वोट की चोरी नहीं चलेगी, जनता की आवाज नहीं दबेगी’ जैसे नारे लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

कफन ओढ़कर जताया विरोध

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कफन और फूलों की माला के साथ सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा की मांग को सामने रखने के लिए किया गया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की भारी तैनाती रही और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

एनएसयूआई का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग को इन पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

कई कार्यकर्ता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनता के मत की आवाज उठाने पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोका और हिरासत में लिया, लेकिन इससे उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।

विनोद जाखड़ ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई गिरफ्तारी या दमन से समाप्त नहीं होगी और मताधिकार की रक्षा तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान विनोद जाखड़ ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने उन्हें ‘देशद्रोही’ तक करार दिया और चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई।

जाखड़ ने कहा कि यदि लोकतंत्र और मताधिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से प्रदर्शनकारियों के सवालों का जवाब देने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों और एनएसयूआई नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

जंतर-मंतर क्षेत्र में लगातार प्रदर्शन

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न विपक्षी तथा छात्र संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। जंतर-मंतर के आसपास हुए प्रदर्शनों के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान शामिल है।

आइसा ने भी किया था प्रदर्शन

इससे पहले रविवार को वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में नेहा बोरा को शाम के समय रिहा कर दिया गया। छात्र संगठनों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रही है।

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