केजरीवाल के समर्थन में उतरीं आतिशी, बोलीं-जब न्याय की उम्मीद टूट जाए तो सत्याग्रह ही एकमात्र रास्ता

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने अरविंद केजरीवाल द्वारा जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरविंद केजरीवाल के वीडियो को शेयर किया है, जिसमें वे जस्टिस स्वर्णकांता को लिखे पत्र के बारे में बता रहे हैं।

आतिशी ने लिखा जब एक आम इंसान को लगता है कि उसको न्याय ही नहीं मिलेगा तो उसके पास क्या विकल्प बचता है? तब वह सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने का फैसला करता है। वही रास्ता जो गांधी जी ने सिखाया था। आज बात सिर्फ अरविंद केजरीवाल की नहीं, बल्कि यह हर उस नागरिक की भावना है जिसकी न्याय की उम्मीद टूट रही है।

आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि वे दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले से संबंधित कार्यवाही में न तो स्वयं उनके समक्ष उपस्थित होंगे और न ही कानूनी वकील के माध्यम से उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायाधीश से न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है और वे महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग का अनुसरण करेंगे।

अपने बयान में केजरीवाल ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपनी ‘अंतरात्मा की आवाज’ सुनने के बाद लिया है और उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने का अपना अधिकार सुरक्षित रखेंगे।

पत्र में लिखा, “जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की मेरी आशा टूट गई है। इसलिए मैंने गांधीजी के सत्याग्रह का अनुसरण करने का निर्णय लिया है। मैंने अपने अंतरात्मा की आवाज सुनकर निर्णय लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखता हूं।”

यह ताजा घटनाक्रम न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा द्वारा कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले से जुड़े मामलों की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग वाली केजरीवाल की याचिका को खारिज करने के कुछ दिनों बाद सामने आया है।

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