वॉशिंगटन/तेहरान, अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन को खत्म करने की मांग करते हुए कहा है कि “ईरान में नई लीडरशिप का समय आ गया है।” ट्रंप ने खामेनेई शासन पर “दमन, हिंसा और भय” के जरिए सत्ता बनाए रखने का आरोप लगाया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ तीव्र विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
“ईरान की लीडरशिप दमन और हिंसा पर टिकी हुई”
17 जनवरी 2026 को एक अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा — “It’s time to look for new leadership in Iran.” उन्होंने खामेनेई को “बीमार व्यक्ति” बताते हुए कहा कि उनका शासन केवल दमन और खूनखराबे पर टिका है। ट्रंप के अनुसार, “ईरान की लीडरशिप ने देश को पूरी तरह तबाह कर दिया है। हजारों लोगों को मारकर सत्ता में बने रहना न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है।”
ट्रंप ने कहा कि खामेनेई का सबसे अच्छा फैसला यह था कि “उन्होंने दो दिन पहले 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी।” उन्होंने कहा — “लीडरशिप का अर्थ डर और मौत से नहीं, बल्कि सम्मान और प्रगति से होता है। एक सच्चा नेता अपने देश को उस तरह चलाता है, जैसे मैंने अमेरिका को चलाया — व्यवस्था, सम्मान और अवसर के साथ।”
ईरान में प्रदर्शन और हिंसा की लहर
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में तीन सप्ताह से अधिक से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों गिरफ्तार किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खामेनेई शासन लोकतंत्र और मानवाधिकारों का गला घोंट रहा है।
ट्रंप ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करेगा तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप पर विचार करेगा। हालांकि, अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक हस्तक्षेप नहीं हुआ है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा था — “Help is on the way,” लेकिन फिलहाल यह केवल एक राजनीतिक बयान ही साबित हुआ है।
खामेनेई ने ट्रंप पर पलटवार किया — “देशद्रोहियों की कमर तोड़ देंगे”
ट्रंप के बयानों पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “ईरान को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों की कमर तोड़ दी जाएगी।” खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को “देशद्रोही” करार दिया और अमेरिका पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा — “हम देश को युद्ध की ओर नहीं ले जाना चाहते, लेकिन हम घरेलू अपराधियों को बख्शेंगे नहीं। अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को भी सजा दी जाएगी।”
ईरान सरकार ने इन प्रदर्शनों को “आतंकवादी गतिविधियां” बताते हुए कहा कि यह अमेरिका और उसके सहयोगियों की साजिश है, जिसका उद्देश्य ईरान पर राजनीतिक और आर्थिक कब्जा करना है। वहीं, सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि “कुछ प्रदर्शनकारियों को विदेशी फंडिंग” मिली थी।
ईरान की सियासत में ‘रेज़ा पहलवी’ की गूंज
निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ईरानियों से “गुस्से और साहस के साथ आवाज़ उठाने” की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे ईरान को एक सेक्युलर डेमोक्रेसी की ओर ले जाना चाहते हैं। पहलवी ने वादा किया कि सत्ता परिवर्तन के बाद वे रेफरेंडम के ज़रिए नई व्यवस्था तय करेंगे। कई प्रदर्शनकारियों ने उनके समर्थन में नारे लगाए हैं, क्योंकि उनके पिता, शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी, 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश छोड़कर चले गए थे।
- ट्रंप ने कहा — “ईरान में नई लीडरशिप की जरूरत है, खामेनेई शासन हिंसा पर टिका है।”
- खामेनेई बोले — “देशद्रोहियों की कमर तोड़ देंगे, अमेरिका जिम्मेदार है।”
- ईरान में अब तक 3,400 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए, हजारों गिरफ्तार।
वर्तमान हालातों को देखते हुए मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से मौजूद कूटनीतिक टकराव में यह बयान नया मोड़ जोड़ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप के इस आक्रामक रुख का उद्देश्य 2026 के अमेरिकी चुनावों से पहले “सख्त वैश्विक नेता” की छवि मजबूत करना भी हो सकता है। हालांकि, ईरान का शासन बदलने की संभावना फिलहाल बहुत कम दिखाई देती है।
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