बीजिंग, 16 मई (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपनी तीन दिवसीय चीन यात्रा पूरी कर बीजिंग से रवाना हो गए। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस वार्ता को ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बताया, हालांकि किसी भी बड़े विवादित विषय पर औपचारिक सहमति नहीं बन सकी।
यात्रा के अंतिम दिन शी जिनपिंग ने ट्रंप को चीन के सबसे सुरक्षित और गोपनीय माने जाने वाले सरकारी परिसर झोंगनानहाई का दौरा कराया। यह परिसर चीन की शीर्ष राजनीतिक सत्ता का केंद्र माना जाता है, जहां देश के सर्वोच्च नेता रहते और काम करते हैं।
ट्रंप को दिखाया चीन की सत्ता का केंद्र
झोंगनानहाई परिसर का दौरा कराते हुए शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि यह वही स्थान है जहां चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और केंद्रीय सरकार के शीर्ष नेता कार्य करते हैं और निवास करते हैं। ट्रंप ने इस मुलाकात को “अद्भुत” बताते हुए कहा कि इस तरह की जगह पहले कभी किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं दिखाई गई थी।
राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी विदेशी नेता को झोंगनानहाई ले जाना चीन की ओर से विशेष सम्मान और भरोसे का संकेत माना जाता है।
पहले दिन स्वागत को लेकर उठा विवाद
हालांकि ट्रंप की यह यात्रा पूरी तरह सहज नहीं रही। यात्रा के पहले दिन ही चीन में उनके स्वागत को लेकर राजनीतिक हलकों और सामाजिक माध्यमों पर चर्चा शुरू हो गई थी। कई विश्लेषकों ने इस बात को अमेरिका के लिए असहज स्थिति बताया कि शी जिनपिंग स्वयं हवाई अड्डे पर ट्रंप के स्वागत के लिए नहीं पहुंचे।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ अमेरिका का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी बीजिंग पहुंचा था, जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, उद्योगपति एलन मस्क और एप्पल प्रमुख टिम कुक शामिल थे। एयरपोर्ट पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत चीन के उपराष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
राजनीतिक टिप्पणीकार ब्रायन एलन ने सामाजिक मंच एक्स पर इसे अमेरिका के लिए बड़ा अपमान बताया। इसके बाद सामाजिक माध्यमों पर वर्ष 2018 के पुराने वीडियो भी साझा किए गए, जिनमें शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का हवाई अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करते देखा गया था।
व्हाइट हाउस के लिए दिया खास उपहार
यात्रा के अंतिम चरण में ट्रंप झोंगनानहाई परिसर के उद्यानों को देखकर काफी प्रभावित दिखाई दिए। विशेष रूप से वहां लगे विशाल गुलाबों की उन्होंने प्रशंसा की। इसके बाद शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन के लिए उन्हीं गुलाबों के बीज उपहार स्वरूप देने का वादा किया।
इसे दोनों देशों के बीच नरम पड़ते कूटनीतिक संबंधों के प्रतीकात्मक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने पर सहमति
व्हाइट हाउस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखा जाना जरूरी है।
हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने विवादित मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बनी संभावित सहमतियों के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा के दौरान भले ही कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ हो, लेकिन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़ती संवाद प्रक्रिया आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और व्यापारिक संबंधों पर असर डाल सकती है।




