वॉशिंगटन/तेहरान, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर गहरा गया है। हाल के दिनों में ईरान के कई शहरों में हुए विस्फोटों और सैन्य कार्रवाइयों के बीच ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि इजरायल ने अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी साझा की है, जिसमें ईरान द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कथित साजिश का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल की ओर से साझा की गई खुफिया जानकारी में दावा किया गया है कि ईरान ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की नई योजना तैयार की थी। बताया जा रहा है कि इस सूचना के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से इस खुफिया जानकारी के सभी विवरणों की पुष्टि नहीं की है।
इस घटनाक्रम के बीच कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह खुफिया सूचना अमेरिका पर दबाव बनाने या उसे अधिक आक्रामक रुख अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास भी हो सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और दावों की सत्यता की पुष्टि अभी बाकी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि उन्हें ईरान से अपनी सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि उनका नाम ईरान की निशाना सूची में शामिल है और अब तक वह सौभाग्यशाली रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि भविष्य में स्थिति कैसी रहेगी, इसे लेकर वह निश्चित नहीं हैं।
उधर, ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को एक सप्ताह तक चले अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद मशहद स्थित इमाम रजा के पवित्र परिसर के निकट सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और देश के विभिन्न शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं।
इस बीच पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले हुए संघर्षविराम के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती पैदा कर सकते हैं।




