रोम/नई दिल्ली, 21 मई (वेब वार्ता)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भारत और इटली की साझेदारी की खुलकर सराहना की। संयुक्त संवाद के दौरान मेलोनी ने हिंदी शब्द ‘परिश्रम’ का प्रयोग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और इसे दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती से जोड़ा।
जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में कहा कि उनकी यह यात्रा इटली के लिए सम्मान की बात है और इससे दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत में ‘परिश्रम’ शब्द व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, जिसका अर्थ कड़ी मेहनत है। मेलोनी ने हिंदी कहावत ‘परिश्रम ही सफलता की कुंजी है’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यही सोच भारत और इटली के संबंधों को आगे बढ़ाने का आधार भी है।
इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि रोम में दोनों देश अपने रिश्तों को और मजबूत बना रहे हैं तथा यह साझेदारी अब विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच चुकी है, जिसे उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर बताया। उनके अनुसार भारत और इटली पहले की तुलना में कहीं अधिक करीब आए हैं और यह प्रगाढ़ता दोनों देशों की साझा समझ और नेतृत्व के बीच विश्वास को दर्शाती है।
मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण, व्यावहारिक सोच और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करना सीखा है। मेलोनी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच बनी मित्रता और भरोसे ने विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य अनेक क्षेत्रों में आपसी तालमेल को और मजबूत करना है। उन्नत विनिर्माण, आधारभूत संरचना, ऊर्जा, अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-उद्योग, समुद्री परिवहन, पर्यटन और संस्कृति को भी भविष्य के अहम अवसरों के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोग प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई, जिनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में भारत और इटली की साझेदारी को नई दिशा देना है। दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक सुरक्षा जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और इटली अपने संबंधों को अधिक व्यापक और रणनीतिक स्वरूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कूटनीतिक हलकों में इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।




