पेरिस, 02 जून (वेब वार्ता)। फ्रांस में आयोजित होने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी को लेकर नया विवाद सामने आया है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि फ्रांस ने इस माह पेरिस में आयोजित होने वाली यूरोसैटरी रक्षा प्रदर्शनी में इजरायली सरकारी प्रतिनिधियों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के बाद इजरायल की सरकारी संस्थाएं प्रदर्शनी में न तो आधिकारिक रूप से हिस्सा ले सकेंगी और न ही अपने स्टॉल स्थापित कर पाएंगी।
इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, लगाए गए प्रतिबंधों के तहत इजरायली रक्षा उद्योगों को केवल रक्षा संबंधी उपकरणों और प्रणालियों के प्रदर्शन की सीमित अनुमति दी गई है, जबकि आक्रामक सैन्य उपकरणों और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है। हालांकि कुछ निजी कंपनियां सीमित स्तर पर अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर सकती हैं।
इजरायल ने फैसले को बताया भेदभावपूर्ण
इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे भेदभावपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी की भावना के विपरीत बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह कदम राजनीतिक और व्यावसायिक कारणों से प्रेरित प्रतीत होता है तथा इससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी।
मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायली रक्षा उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि अन्य देशों को अपनी सैन्य तकनीक और उपकरण प्रदर्शित करने की अनुमति दी जा रही है।
रक्षा उद्योग में प्रतिस्पर्धा को लेकर भी उठे सवाल
इजरायली सूत्रों का मानना है कि यह फैसला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि रक्षा उद्योग में प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि इजरायल की कई उन्नत रक्षा प्रणालियां वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
हालांकि फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से इस विषय पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे ने रक्षा उद्योग और कूटनीतिक हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है।
वैश्विक रक्षा बाजार में अहम भूमिका निभाता है इजरायल
इजरायल दुनिया के प्रमुख रक्षा उपकरण निर्यातक देशों में गिना जाता है। देश की मिसाइल प्रणालियां, रडार तकनीक, ड्रोन और अन्य उन्नत रक्षा तकनीकें कई देशों द्वारा उपयोग की जाती हैं। इजरायल का कहना है कि उसकी रक्षा तकनीक विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में प्रभावी साबित हुई है।
भारत-इजरायल रक्षा सहयोग लगातार मजबूत
भारत और इजरायल के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से रणनीतिक सहयोग बना हुआ है। दोनों देशों के बीच मिसाइल प्रणालियों, रडार तकनीक, निगरानी उपकरणों और अन्य रक्षा तकनीकों को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते हो चुके हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के रक्षा संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं तथा तकनीकी सहयोग का दायरा भी बढ़ा है।
फ्रांस के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय रक्षा समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच क्या रुख अपनाया जाता है और इसका वैश्विक रक्षा उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ता है।




