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डोनाल्ड ट्रंप डोवर वायुसेना अड्डे पर शहीद अमेरिकी सैनिकों को देंगे अंतिम सैन्य सम्मान

वाशिंगटन, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों के दौरान मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को डोवर वायुसेना अड्डे लाए जाएंगे, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतिम सैन्य सम्मान समारोह में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि सैनिकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ सौंपे जाएंगे।

व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में यह सबसे संवेदनशील और भावनात्मक दायित्वों में से एक माना जाता है। फरवरी में ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह तीसरा अवसर होगा जब डोनाल्ड ट्रंप डोवर वायुसेना अड्डे पर आयोजित इस सैन्य सम्मान समारोह में भाग लेंगे।

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर इस समारोह में लाए जाएंगे। इसके अलावा जॉर्डन में हमले के बाद लापता हुए और अब मृत घोषित किए गए एक अन्य सैनिक तथा इराक में ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए एक सैनिक का पार्थिव शरीर भी डोवर वायुसेना अड्डे पहुंचाया जाएगा।

मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके लिए इस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है और वह शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए डोवर जा रहे हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने जॉर्डन में मारे गए सैनिकों की पहचान टायलर जेम्स फीहान (25 वर्ष), इसाबेला गोंजालेस (19 वर्ष) तथा लापता होने के बाद मृत घोषित किए गए एंजेल एस. रैम्परसाड (28 वर्ष) के रूप में की है। वहीं, इराक में मारे गए सैनिक की पहचान माइकल इमैनुएल स्विंटन (30 वर्ष) के रूप में हुई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि अमेरिका अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सैनिक ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के उद्देश्य से अभियान में शामिल थे और अमेरिका उनके सम्मान में ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।

युद्ध की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि भविष्य में किसी अमेरिकी सैनिक की हत्या की जाती है तो ईरान को इसकी कई गुना कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि जॉर्डन में हुए अधिकांश हमलों को अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था ने विफल कर दिया था, हालांकि कुछ हमले सुरक्षा घेरे को भेदने में सफल रहे।

व्हाइट हाउस के अनुसार, फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। डोवर वायुसेना अड्डे पर आयोजित होने वाला यह समारोह उन सैनिकों के प्रति राष्ट्र की अंतिम औपचारिक श्रद्धांजलि का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

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