कमर्शियल गैस महंगी, फिर भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर; जल्द बढ़ोतरी के संकेत

नई दिल्ली, 04 मई (वेब वार्ता)। देश में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा किया गया, जो इस वर्ष अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं।

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 126 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि देश में भी ईंधन की कीमतों में जल्द वृद्धि हो सकती है। हालांकि, इसके बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अभी तक स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है।

पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया पर कई भ्रामक सूचनाएं भी सामने आईं, जिनमें दावा किया गया कि विधानसभा चुनावों के बाद ईंधन के दामों में भारी उछाल आएगा। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। लेकिन फिलहाल सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियां लगातार घाटे का सामना कर रही हैं। इसके बावजूद पिछले वर्ष मार्च में प्रति लीटर 2 रुपये की कटौती के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं घरेलू एलपीजी की कीमतें भी मार्च में 60 रुपये की वृद्धि के बाद स्थिर रखी गई हैं।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है, यह केवल समय की बात है। हालांकि विधानसभा चुनाव समाप्त होने के करीब एक सप्ताह बाद भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण पिछले दो महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 2,400 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सरकारी तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन वैश्विक स्तर पर हो रहे उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का लगातार सामना कर रही हैं।

गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भी कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं। हालांकि इस वर्ष की शुरुआत में कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर तक आ गई थीं, लेकिन हालिया तेजी ने फिर से बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।

वित्तीय वर्ष 2024 में तेल कंपनियों ने कुल 86,000 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था, जिससे उन्हें वर्तमान घाटे को सहने में कुछ मदद मिल रही है। हालांकि, यदि वैश्विक बाजार में कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।

आज पेट्रोल-डीजल की कीमत

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर)डीजल की कीमत (प्रति लीटर)
दिल्ली94.77 रुपये 87.67 रुपये
मुंबई103.54 रुपये90.03 रुपये
कोलकाता105.45 रुपये92.02 रुपये
चेन्नई100.80 रुपये92.39 रुपये
बेंगलुरु102.92 रुपये90.99 रुपये
भुवनेश्वर101.10 रुपये92.69 रुपये
चंडीगढ़94.30 रुपये82.45 रुपये
देहरादून 93.17 रुपये88.01 रुपये
फतेहाबाद97.09 रुपये 89.56 रुपये

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