लेखसुनील कुमार महलाविश्व सोशल मीडिया दिवस: संवाद, सूचना और नवाचार...

विश्व सोशल मीडिया दिवस: संवाद, सूचना और नवाचार का मंच

— सुनील कुमार महला —

विश्व सोशल मीडिया दिवस पर विशेष आलेखSunil Kumar Mahala

आज का युग सोशल मीडिया का युग है। सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों को आपस में जोड़ने और संचार में इसकी भूमिका को रेखांकित करने के लिए 30 जून को प्रतिवर्ष ‘विश्व सोशल मीडिया दिवस’ मनाया जाता है। यहाँ पर पाठकों को यह बताता चलूँ कि इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2010 में लोकप्रिय डिजिटल समाचार और मीडिया मंच द्वारा की गई थी। वास्तव में, इसका उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों, विभिन्न समुदायों और विश्व के विभिन्न देशों को जोड़ने में इसकी भूमिका को पहचान देना था। इस साल यानी कि वर्ष 2026 में इस दिवस का मुख्य जोर जिम्मेदार, सुरक्षित और सकारात्मक डिजिटल संवाद पर है।

हम सभी यह जानते हैं कि सोशल मीडिया इंटरनेट आधारित ऐसे डिजिटल मंच हैं, जहाँ लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं, विभिन्न जानकारियाँ, विचार आदि साझा करते हैं, अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं, फोटो-वीडियो आदि पोस्ट करते हैं और आपस में संवाद करते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), व्हाट्सएप, यूट्यूब, लिंक्डइन, स्नैपचैट, टेलीग्राम, पिंटेरेस्ट तथा रेडिट आदि इसके प्रमुख उदाहरण हैं। सरल शब्दों में कहें तो, ऐसे सभी ऑनलाइन मंच जहाँ लोग आपस में जुड़कर सामग्री (टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, ऑडियो) साझा करते हैं और आपसी संवाद करते हैं, सोशल मीडिया कहलाते हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि आज सोशल मीडिया संचार, मनोरंजन, शिक्षा, व्यापार और जनजागरूकता का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

सोशल मीडिया के लाभ यह हैं कि इससे जहाँ एक ओर त्वरित संचार और संपर्क संभव है, वहीं दूसरी ओर यह ज्ञान और जानकारी का आदान-प्रदान करने, व्यवसाय और रोजगार के अवसर प्रदान करने तथा सामाजिक और जनहित अभियानों को बढ़ावा देने में सहायक और उपयोगी साबित हो सकता है। लेकिन आज सोशल मीडिया के समक्ष अनेक चुनौतियाँ भी विद्यमान हैं। मसलन, फेक न्यूज और भ्रामक जानकारी, साइबर अपराध और गोपनीयता का खतरा, समय की बर्बादी और डिजिटल लत तथा मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव इन चुनौतियों में प्रमुख हैं। इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग अत्यंत जागरूकता, जिम्मेदारी और संतुलन के साथ करना बहुत ही आवश्यक और जरूरी है, ताकि इसके लाभों का अधिकतम उपयोग किया जा सके और दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

अंत में निष्कर्ष के तौर पर यही कहूँगा कि विश्व सोशल मीडिया दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह आपसी संवाद, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली और प्रभावशाली माध्यम है। इसका उपयोग जिम्मेदारी, सत्यता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, तो यह समाज, मानवता और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण और अहम योगदान दे सकता है।

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