लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता): जिले में बाल एवं किशोर श्रम के उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत सात माह में 60 बाल एवं किशोर श्रमिकों को विभिन्न प्रतिष्ठानों से अवमुक्त कराया गया है। इनमें 52 बालक और आठ बालिकाएं शामिल हैं। वहीं, 16 बच्चों का शैक्षिक पुनर्वासन भी कराया जा चुका है। मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल ने बाल श्रम के खिलाफ अभियान में तेजी लाने और मुक्त कराए गए बच्चों के समुचित पुनर्वासन के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाल/बंधुआ श्रम उन्मूलन समिति एवं जिला स्तरीय श्रम बन्धु समिति की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं।
42 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में मिले 60 बाल श्रमिक
जिला स्तरीय बाल/बंधुआ श्रम उन्मूलन समिति की बैठक में बाल एवं किशोर श्रम के उन्मूलन, बच्चों की अवमुक्ति तथा उनके शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक 42 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 60 बाल एवं किशोर श्रमिकों को चिन्हित कर अवमुक्त कराया गया। इनमें 11 बच्चे खतरनाक और 49 गैर-खतरनाक प्रक्रियाओं में नियोजित पाए गए।
इन बच्चों में 16 का शैक्षिक पुनर्वासन कराया गया है। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर बच्चों को चिन्हित एवं अवमुक्त कराया जाए। साथ ही उनके परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर बच्चों का प्रभावी शैक्षिक एवं आर्थिक पुनर्वासन सुनिश्चित किया जाए।
16.11 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 7.02 करोड़ श्रम उपकर जमा
दूसरी बैठक में जिला स्तरीय श्रम बन्धु समिति के कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें औद्योगिक शांति बनाए रखने, सेवायोजकों एवं श्रमिकों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने तथा श्रमिकों के हित में संचालित कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
श्रम उपकर संग्रहण की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 16.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 7.02 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। वहीं, निर्माण श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित योजनाओं के तहत प्राप्त 260 आवेदन पत्रों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण किया गया है।
सीडीओ ने श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण, श्रम कानूनों का प्रभावी अनुपालन तथा निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र श्रमिकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, जिससे जनपद में औद्योगिक शांति के साथ श्रमिकों का कल्याण भी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में उप जिलाधिकारी अंकित तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार, परिवहन विभाग के अशोक कुमार मौर्य, अधिशासी अभियंता (आरआईडी), सहायक श्रम आयुक्त सत्यवीर सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
हरदोई में 60 बाल श्रमिक कराए गए मुक्त, 16 का शैक्षिक पुनर्वासन; सीडीओ ने अभियान तेज करने के दिए निर्देश

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