– फरवरी 2025 में बन कर तैयार निर्माण भवन नही किया संस्था के हवाले
– वर्ष 2022 में कार्य शुरू होकर वर्ष 2025 में हुआ था पूर्ण
– 20 माह से निर्माण भवन में लटक रहा ताला
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार सरकारी संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। वहीं, कानपुर में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (यूपीआरआरएन) के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा हो, ताकि सरकारी धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो सके और निर्माण कार्य समय पर पूरे हों।
पांडु नगर स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) संस्थान में रू 1.92 करोड़ से अधिक का काम उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम को दिया गया। इस इकाई का काम कानपुर के (आईटीआई) पांडु नगर में नए वर्कशॉप और क्लास रूम का निर्माण कराया जाना था। इस निर्माण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक लैब उपलब्ध कराना है। आईटीआई संस्थान के प्रवेश अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि 20 माह बीत जाने के बाद भी यूपीआरआरएन ने आईटीआई संस्थान को अभी तक बन कर तैयार लैब रूम को हैण्डओवर नही किया जिससे बच्चो की पढ़ाई पर काफी गहरा असर पड रहा है। उन्होंने बताया कि इस बावत कई बार जिलाधिकारी की मीटिंग में भी इसका मुद्दा रखा गया,लेकिन यूपीआरएनएन ने मीटिंग में जल्द ही निर्माण भवन को हैण्डओरवर करने की बात कही, लेकिन उस पर कोई अमल नही किया।
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (यूपीआरआरएन) द्वारा चकेरी एयरपोर्ट परियोजना के नए सिविल टर्मिनल भवन के निर्माण में देरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर पूर्व में विवाद सामने आया था। इस परियोजना को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही और निर्माण कार्य की निगरानी पर सवाल उठे थे। आईटीआई जैसे संस्थानों में आधुनिक वर्कशॉप और क्लासरूम का निर्माण सीधे विद्यार्थियों के कौशल विकास से जुड़ा है। यदि परियोजना समय पर पूरी नहीं होती, तो प्रशिक्षण सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी हो सकती है।
पूर्व में भी यूपीआरएनएन पर भाजपा के विधायक ने उठाया था मुद्दा
कानपुर आईटीआई ही नही चकेरी एयरपोर्ट परियोजना में भी निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर पहले सवाल उठ चुके हैं। भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह और एमएलसी विनीत सिंह के पत्रों में उठाए गए मुद्दों के बीच यूपीआरआरएन की कार्यप्रणाली चर्चा रहा है।




