उपराज्यपाल डॉ दिनेश शर्मा से लोगों को है काफी उम्मीद कि अब होगा इस क्षेत्र का विकास?
श्री विजयपुरम (अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह), 15 अक्टूबर 2026 (वेब वार्ता / अब्दुल रहमान)। उत्तर और मध्य अंडमान को दक्षिण अंडमान से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग NH-4 (अंडमान ट्रंक रोड) इन दिनों सड़क निर्माण में देरी और अधूरे कार्यों को लेकर सवालों के घेरे में है। यह मार्ग केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, ट्रक चालकों और आम नागरिकों के लिए जीवनरेखा है। ऐसे में सड़क निर्माण की समयसीमा बीतने के बावजूद काम पूरा नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) की आधिकारिक परियोजना स्थिति के अनुसार, NH-4 के कई महत्वपूर्ण हिस्सों का काम अभी भी जारी है। निगम के रिकॉर्ड में मूल निर्धारित समयसीमा और अब प्रस्तावित पूर्णता तिथि के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
NHIDCL के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार, NH-4 के विभिन्न हिस्सों और मिडिल स्ट्रेट पुल की स्थिति इस प्रकार है:
- जारवा क्षेत्र के अंतिम छोर से रंगत तक (पैकेज III-B)
लगभग 26 किलोमीटर लंबे इस हिस्से का शेष निर्माण कार्य RKEC Projects Ltd. को सौंपा गया था। परियोजना का कार्यादेश 16 मार्च 2024 को जारी हुआ और कार्य शुरू करने की निर्धारित तिथि 7 मई 2024 थी। इसकी मूल निर्धारित पूर्णता तिथि 5 अक्टूबर 2025 थी।
लेकिन 15 अक्टूबर 2026 तक यह समयसीमा बीते एक वर्ष और 10 दिन हो चुके हैं। NHIDCL के 14 अक्टूबर 2026 को अद्यतन रिकॉर्ड में इस परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 54 प्रतिशत दर्ज है। अब इसके पूरा होने की संभावित तारीख 31 मार्च 2027 दी गई है।
- मिडिल स्ट्रेट के बाद से हम्फ्री और कदमतला तक (पैकेज III-A)
इस पैकेज में कुल 29.38 किलोमीटर के हिस्से शामिल हैं। इसका कार्य SMC Infrastructures को सौंपा गया। कार्यादेश 25 जनवरी 2024 को जारी हुआ और निर्धारित कार्य प्रारंभ तिथि 14 मार्च 2024 थी। मूल पूर्णता तिथि 13 सितंबर 2025 निर्धारित की गई थी।
15 अक्टूबर 2026 तक मूल समयसीमा बीते एक वर्ष, एक महीना और दो दिन हो चुके हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 82 प्रतिशत है। अब इसके पूरा होने की संभावित तारीख 31 दिसंबर 2026 दर्ज है।
- मिडिल स्ट्रेट क्रीक पर पुल निर्माण
दक्षिण अंडमान और बराटांग को जोड़ने वाले मिडिल स्ट्रेट क्रीक पर प्रमुख पुल का निर्माण भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके शेष कार्य का ठेका RKEC Projects Ltd.-YFC Projects Pvt. Ltd. के संयुक्त उपक्रम को दिया गया है।
NHIDCL के वर्तमान रिकॉर्ड में कार्यादेश की तारीख 16 मार्च 2024, कार्य प्रारंभ की निर्धारित तारीख 7 मई 2024 और मूल पूर्णता तिथि 25 फरवरी 2026 दर्ज है। इस हिसाब से 15 अक्टूबर 2026 तक मूल समयसीमा बीते सात महीने और 20 दिन हो चुके हैं।
इस पुल के शेष कार्य की भौतिक प्रगति लगभग 13 प्रतिशत दर्ज की गई है और अब इसके पूरा होने की संभावित तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित है।
गौरतलब है कि मिडिल स्ट्रेट पुल परियोजना के अगस्त 2025 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद बिष्णु पद रे को जानकारी दी थी कि पुल का पिछला ठेका खराब प्रगति के कारण 6 जून 2023 को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद 7 मई 2025 को नए ठेके की जानकारी दी गई और निर्माण दोबारा आगे बढ़ाने की बात कही गई।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुराने ठेके की समाप्ति और वर्तमान शेष कार्य के लिए NHIDCL के रिकॉर्ड में दर्ज कार्यादेश अलग-अलग चरण हैं। इसलिए पूरी परियोजना की देरी का आकलन करते समय दोनों का रिकॉर्ड देखना आवश्यक है।
NH-4 के खराब हिस्सों, निर्माण में देरी और अधूरे कार्यों से उत्तर एवं मध्य अंडमान के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई और दैनिक यात्रा पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परियोजनाओं के लिए मूल समयसीमा निर्धारित की गई थी, तो निर्धारित अवधि में काम पूरा क्यों नहीं हो पाया? क्या निर्माण में देरी के कारणों की जिम्मेदारी तय की गई है? क्या गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है? और क्या नई समयसीमा के भीतर काम पूरा हो पाएगा?
NHIDCL के रिकॉर्ड में दर्ज प्रगति के आंकड़े इन सवालों को और महत्वपूर्ण बनाते हैं। विशेष रूप से मिडिल स्ट्रेट पुल की लगभग 13 प्रतिशत भौतिक प्रगति पर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत स्पष्टीकरण अपेक्षित है।
स्थानीय जनता चाहती है कि NHIDCL और संबंधित प्रशासन निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे। प्रत्येक पैकेज की वर्तमान प्रगति, देरी के कारण, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और जिम्मेदार एजेंसियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
इसके साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि यदि नई समयसीमा में काम पूरा नहीं होता, तो आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। निर्माण पूरा होने तक सड़क को सुरक्षित और यातायात योग्य बनाए रखने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
NH-4 उत्तर और मध्य अंडमान के विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसकी बदहाली और निर्माण में देरी केवल इंजीनियरिंग या ठेकेदारी का मामला नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
अब सवाल केवल नई तारीख घोषित करने का नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने का है कि काम तय समय में, निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरा हो। जनता को आश्वासन से अधिक सुरक्षित और बेहतर सड़क चाहिए।



