कुशीनगर 9 अक्टूबर। कुशीनगर जिले में संचालित निजी अस्पतालों में मानकों की अनदेखी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले महीने नौ सितंबर को जिले में 52 निजी अस्पतालों की जांच के बाद जारी नोटिस के जवाब की समीक्षा पूरी हो गई है। जांच टीम ने सात अस्पताल संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने और दो अस्पतालों को सील करने की संस्तुति की है। कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश के निर्देश पर नौ सितंबर को आठ टीमों ने जिले के 52 निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया था। जांच में अनियमितताएं मिलने पर 41 अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इनमें से 30 संचालकों ने निर्धारित अवधि में जवाब दिया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में इन अस्पतालों के जवाब संतोषजनक पाए गए, जिसके बाद उनके खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, 11 अस्पताल संचालकों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया। इन मामलों में जांच टीम ने उपलब्ध तथ्यों और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने आज बताया कि जांच टीम द्वारा सुकरौली स्थित नारित्व हॉस्पिटल और कुबेरस्थान के आस्था फार्मा क्लीनिक को सील करने की संस्तुति की गई है। विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों अस्पतालों को सील किया जाएगा। वहीं, जांच टीम ने सात अस्पतालों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है। इनमें हिंद हॉस्पिटल कुबेरस्थान, तान्या हॉस्पिटल टेकुआटार, सत्या हॉस्पिटल सुकरौली, न्यू प्रभात हॉस्पिटल तमकुहीराज, जीवन हॉस्पिटल सुकरौली, अनुज हॉस्पिटल दुदही और आदर्श हॉस्पिटल सुकरौली शामिल हैं।
इन अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान मिली कमियों और नोटिस के जवाब की स्थिति को देखते हुए जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश का कहना कि निजी अस्पतालों के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को गंभीरता से लिया गया है। जिन अस्पतालों के जवाब संतोषजनक मिले, उन्हें राहत दी गई है, जबकि जवाब नहीं देने या कमियां दूर नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
निरीक्षण के दौरान सुकरौली का श्री हॉस्पिटल बंद मिला था। वहीं, जटहा बाजार स्थित नवजीवन हॉस्पिटल के संचालक ने नोटिस मिलते ही अस्पताल का संचालन तत्काल बंद कर दिया था। दोनों अस्पताल उसी समय से बंद हैं। सीएमओ ने बताया कि अब एक बार फिर टीम भेजकर दोनों अस्पतालों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद यह देखा जाएगा कि अस्पतालों का संचालन बंद है या दोबारा शुरू कर दिया गया है।
सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पतालों की जांच में सामने आई कमियों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिन अस्पतालों के जवाब संतोषजनक मिले, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं जिनके मामले में गंभीर अनियमितता मिली या नोटिस का जवाब नहीं दिया गया, उनके खिलाफ जुर्माना और सील करने की कार्रवाई की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।




