लखनऊl मौलाना डॉ० सईदुर्रहमान आज़मी नदवी के निधन की खबर से शैक्षिक और धार्मिक हलकों में गहरा दुख और शोक व्याप्त है। इस महान सदमे पर हम नदवतुल उलमा के शिक्षकों एवं प्रबंधकों, परिजनों, संबंधित लोगों, शिष्यों और सभी प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना और गहरे दुख का इज़हार करते हैं।
हज़रत मौलाना की शख्सियत केवल एक शिक्षक या लेखक तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे ज्ञान एवं साहित्य, शोध, पत्रकारिता, दावत तथा भाषा और अभिव्यक्ति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएँ देने वाले बहुआयामी विद्वान थे। उनकी शैक्षिक सेवाओं तथा उनके स्नेह और प्रशिक्षण से असंख्य विद्यार्थी एवं विद्वान लाभान्वित हुए। अरबी भाषा और साहित्य पर उनकी गहरी पकड़ तथा अरब जगत के साथ उनके शैक्षिक संबंध उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। विभिन्न अरब देशों की उनकी शैक्षिक यात्राएँ और प्रतिनिधित्व भी उनकी सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं।
मौलाना का निधन विद्वत जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। इन विचारों को व्यक्त करते हुए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, पूर्वी यूपी के अध्यक्ष डॉ० मलिक मोहम्मद फैसल ने अपने शोक संदेश में कहा।
डॉ. मलिक मोहम्मद फैसल ने शोकसंतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दुआ की कि अल्लाह तआला मौलाना मरहूम की पूर्ण मग़फ़िरत फरमाए, उनके दर्जे बुलंद करे, उनकी शैक्षिक एवं धार्मिक सेवाओं को स्वीकार करे और उन्हें उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया बनाए। अल्लाह उनके परिवार, शिष्यों, संबंधित लोगों और सभी प्रशंसकों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। साथ ही अल्लाह तआला नदवतुल उलमा, उसके शिक्षकों एवं विद्यार्थियों तथा पूरे इस्लामी जगत को इस शैक्षिक क्षति का बेहतर बदला अता फरमाए।
इस्लामी जगत एक महान विद्वान से वंचित हो गया – डॉ. मलिक मोहम्मद फैसल फलाही

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