इस्लामाबाद, 05 अक्टूबर (वेब वार्ता)। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी के नेतृत्व में हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों के राजधानी इस्लामाबाद की ओर बढ़ने की आशंका के बीच पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई और पार्टी की विभिन्न मांगों को लेकर पीटीआई समर्थकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तान सरकार के बीच हाल में दो दौर की बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्ष प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बना सके।
बातचीत विफल होने के बाद बढ़ा तनाव
पीटीआई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेतृत्व वाली सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार और शनिवार को बातचीत हुई थी। हालांकि, दोनों पक्ष मूल मुद्दों पर किसी समझौते तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद पीटीआई ने अपने प्रस्तावित लंबे मार्च को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
यह मार्च पहले 27 सितंबर से शुरू होना था, लेकिन बाद में इसे 4 अक्टूबर तक टाल दिया गया। अब बड़ी संख्या में पीटीआई समर्थक विभिन्न इलाकों से मार्च में शामिल हो रहे हैं और राजधानी इस्लामाबाद की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की बात कही है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन के दौरान कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुहेल अफरीदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा मार्च
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहेल अफरीदी इस विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। सरकार ने उन पर पीटीआई और प्रशासन के बीच बातचीत को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं अफरीदी का कहना है कि आंदोलन इमरान खान की रिहाई और पार्टी की मांगों को लेकर जारी रहेगा।
मार्च का पहला चरण रविवार दोपहर गांधी चौक से शुरू हुआ। इसमें लक्की मरवत, टैंक, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण वजीरिस्तान, उत्तर वजीरिस्तान और बन्नू समेत विभिन्न इलाकों के समर्थक शामिल हुए। पीटीआई की ओर से मार्च से संबंधित कई दृश्य सामाजिक माध्यमों पर भी साझा किए गए हैं।
कई इलाकों से गुजरने की तैयारी
सुहेल अफरीदी के कार्यक्रम के अनुसार, मार्च का काफिला पहली रात करक के पास रुकने वाला था। इसके बाद 5 अक्टूबर को कोहाट की ओर बढ़ने की योजना है। 6 अक्टूबर को कोहाट, हंगू, कुर्रम और ओरकजई के समर्थकों के भी मार्च में शामिल होने की बात कही गई है।
इसके बाद काफिला पेशावर और चारसद्दा होते हुए 8 अक्टूबर को खैराबाद पहुंचने की योजना के साथ आगे बढ़ेगा। यहां आंदोलन के अगले चरण को लेकर घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार ने कई इलाकों में बढ़ाई सख्ती
पीटीआई के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में राष्ट्रपति शासन या आपातकाल लगाए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई है।
मार्च से पहले प्रदेश के कई जिलों में धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। डेरा इस्माइल खान में 4 से 6 अक्टूबर तक निर्धारित मार्गों पर लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। दक्षिण वजीरिस्तान, टैंक और हंगू के कुछ हिस्सों में भी कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इस्लामाबाद की ओर बढ़ने पर टकराव की आशंका
पीटीआई समर्थकों के राजधानी की ओर बढ़ने की स्थिति में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इस्लामाबाद में किसी भी लंबे मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वहीं पीटीआई समर्थक इमरान खान की रिहाई समेत अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बातचीत विफल होने और सड़कों पर समर्थकों की बढ़ती संख्या के बीच पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रदर्शनकारी राजधानी की ओर कितना आगे बढ़ते हैं और सरकार उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।




