राज्यउत्तर प्रदेशहरदोई:सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली पर शिकंजा:...

हरदोई:सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली पर शिकंजा: प्रेमावती पर विवादित टिप्पणी मामले में गंभीर धाराओं में FIR दर्ज

लक्ष्मीकान्त पाठक

हरदोई (वेबवार्ता)। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा के खिलाफ कथित विवादित व जातिसूचक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली के खिलाफ जहां एक तरफ कानूनी शिकंजा कस गया है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक मोर्चे पर भी भाजपा का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। मामले को लेकर दोपहर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन के बाद, 01 अक्टूबर की रात पुलिस ने सपा नेता समेत दो लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।

दोपहर में सड़क पर उतरे भाजपाई, फूंका पुतला

घटना के विरोध में गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हरदोई की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्य चौराहे पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली का पुतला फूंकते हुए कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना था कि एक महिला जनप्रतिनिधि और दलित समाज की सामाजिक पृष्ठभूमि पर अमर्यादित टिप्पणी करना समाजवादी पार्टी की संकीर्ण और जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। भाजपाइयों ने आरोपी सपा नेता की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

रात 9:02 बजे दर्ज हुई FIR, संगीन धाराएं लागू

भाजपा के भारी विरोध और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली शहर पुलिस ने 01 अक्टूबर 2026 की रात 9:02 बजे एफआईआर (संख्या 0711/2026) दर्ज की। एफआईआर में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली और उनके एक सहयोगीदल को नामजद किया गया है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (जनसमूह में वैमनस्य फैलाना) व 356(1) (मानहानि), सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 67 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द) व 3(2)(va) के तहत केस दर्ज किया है।

‘पीडीए पंचायत’ के वीडियो से भड़की आग

यह पूरा विवाद गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित समाजवादी पार्टी की ‘पीडीए पंचायत’ से शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान शराफत अली के संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें हरदोई जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा की सामाजिक पृष्ठभूमि और उनके संवैधानिक पद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
वीडियो सामने आने पर प्रेमावती वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि, महिला गरिमा और पद के सम्मान पर सीधा हमला बताया था और कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

सफाई के बावजूद नहीं थम रहा सियासी घमासान

विवाद बढ़ता देख शराफत अली ने सफाई दी थी कि उनके बयान का आशय केवल आरक्षण व्यवस्था और सपा संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के योगदान को रेखांकित करना था, और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।हालांकि, उनकी इस सफाई के बावजूद मामला शांत नहीं हुआ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -