राज्यमध्य प्रदेश'सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए...', इंदौर से...

‘सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए…’, इंदौर से राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

इंदौर में राहुल गांधी ने उठाए शिक्षा, बेरोजगारी और संस्थाओं के कामकाज से जुड़े सवाल

इंदौर, 20 सितंबर (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और देश की विभिन्न संस्थाओं के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने छात्रों से सवाल पूछने की आदत बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि व्यवस्था को ऐसे विद्यार्थी नहीं चाहिए, जो हर बात को बिना सवाल किए स्वीकार कर लें।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र स्वभाव से जिज्ञासु होता है। वह किसी बात को केवल इसलिए स्वीकार नहीं करता, क्योंकि उसे ऊपर से ऐसा बताया गया है। वह हर विषय के पीछे की वजह जानना चाहता है और जरूरत पड़ने पर व्यवस्था से जवाब भी मांगता है।

‘सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए’

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में छात्र और ‘अंधभक्त’ के बीच अंतर समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सवाल करता है, दूसरों की बात सुनता है, अपनी राय रखता है और नई जानकारी मिलने पर अपनी सोच पर पुनर्विचार भी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि छात्रों को यह सवाल पूछना चाहिए कि किसी व्यक्ति को किसी बड़ी संस्था की जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई। इसी संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बेटे का जिक्र करते हुए पूछा कि वह क्रिकेट संघ के अध्यक्ष कैसे बने। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को योग्यता और अवसरों में समानता से जोड़ते हुए छात्रों से ऐसे मामलों पर सवाल उठाने की बात कही।

अपने भाषण में उन्होंने बड़े कारोबारी समूहों, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं के कामकाज का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि छात्रों को यह जानने का अधिकार है कि संस्थाएं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से क्यों नहीं कर रही हैं।

पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे उठाए

शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को यह सवाल पूछना चाहिए कि स्कूलों और कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं की कमी क्यों है, आधारभूत ढांचा कमजोर क्यों है, भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक क्यों होते हैं और युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने शिक्षा को किसी प्रकार की कृपा नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र का अधिकार बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज, विश्वविद्यालय और रोजगार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। कार्यक्रम में शिक्षा बजट, छात्रवृत्ति और शिक्षकों के रिक्त पदों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया।

मध्य प्रदेश के छात्रों ने बताईं अपनी समस्याएं

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए छात्रों ने अपनी समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं।

धार से आए एक छात्र ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं, जमीन के पट्टों, खाली सरकारी पदों और छात्रावासों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उसने खरगोन में जमीन के पट्टे रद्द किए जाने और बालाघाट में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जुड़ी समस्याएं भी सामने रखीं।

देवास के एक छात्र ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी परेशानियों का उल्लेख किया। उसने दावा किया कि भर्ती संबंधी मुद्दे उठाने वाले कुछ छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उन्हें जेल भी भेजा गया। छात्र ने प्रश्नपत्र लीक से संबंधित शिकायतें भी रखीं।

इंदौर में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने बढ़ते कमरे के किराये, सरकारी छात्रावासों में सीटों की कमी, रहने की सुविधाओं और शिक्षा पर बढ़ते खर्च जैसी समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया।

विश्वविद्यालयों में प्रवेश और सुविधाओं पर सवाल

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के एक छात्र ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश से जुड़ी शिकायत रखी। उसका आरोप था कि अच्छी श्रेणी प्राप्त करने के बावजूद उसे प्रवेश नहीं दिया गया। छात्र के अनुसार, साक्षात्कार की अंकतालिका मांगने पर उसे बताया गया कि ऐसी कोई अंकतालिका तैयार नहीं की गई है।

एक कृषि छात्र ने महाविद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की कमी, कक्षाओं की स्थिति और छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का मुद्दा उठाया। वहीं, एक छात्रा ने छात्रवृत्ति, आवासीय सहायता और सरकारी छात्रावास में सीट नहीं मिलने की समस्या बताई।

‘छात्र देश की नींव हैं’

अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने छात्रों को देश की नींव बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सुविधा नहीं, बल्कि प्रत्येक छात्र का अधिकार है। उनके अनुसार, स्कूल से विश्वविद्यालय और फिर रोजगार तक का रास्ता मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है।

इंदौर के इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के सवालों को शिक्षा, रोजगार और संस्थाओं की जवाबदेही से जोड़कर अपनी बात रखी। वहीं, मध्य प्रदेश के छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों को सामने रखा।

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