भोपाल, 20 सितंबर (वेब वार्ता)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ बताते हुए कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में तथ्य प्रस्तुत करने के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया।
स्कूल शिक्षा में प्रगति का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में स्कूलों की ड्रॉपआउट दर लगभग 16 प्रतिशत थी, जिसे शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में अधिकांश समय कांग्रेस की सरकार रही। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट लगभग 2,000 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान में यह बढ़कर 38,658 करोड़ रुपये हो गया है।
विद्यार्थियों को मिल रही विभिन्न सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या विद्यार्थियों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी छात्रों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे। उनके अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। वर्तमान में प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और मेडिकल सीटों की संख्या लगभग 680 से बढ़कर 7,000 से अधिक हो गई है।
प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन में वृद्धि का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके अनुसार, वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपये हो गई है।
उन्होंने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी वृद्धि का दावा किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में लगभग 5,000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जो वर्तमान में बढ़कर करीब 32,000 मेगावाट हो गई है।
रोजगार और भर्ती को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में लगभग 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इनमें से करीब 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस सेवा से जोड़ा जा चुका है।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं, जबकि 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती पहले ही की जा चुकी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर पदोन्नति की है और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
तथ्यों के आधार पर संवाद की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, प्रति व्यक्ति आय और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक चर्चा होनी चाहिए।




