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सेमीकॉन 2.0 से उभरेंगी 200 चिप डिजाइन कंपनियां: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 19 सितंबर (वेब वार्ता)। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर योजना ‘सेमीकॉन 2.0’ के तहत देश में लगभग 200 चिप डिजाइन कंपनियों के उभरने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चिप डिजाइन के क्षेत्र में नई कंपनियों का विकास भारत की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने और देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद कर सकता है।

चिप डिजाइन कंपनियों के उभरने से आएगा बड़ा बदलाव

एक संवाद सत्र के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकॉन 2.0 के तहत लगभग 200 चिप डिजाइन कंपनियों का सामने आना देश के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। उन्होंने भारत में विकसित हो रही डिजाइन क्षमताओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मंत्री के अनुसार, भारत के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग और वैश्विक क्षमता केंद्रों में पहले से मौजूद डिजाइन विशेषज्ञता अब सेमीकंडक्टर उद्योग में भी उपयोगी साबित हो रही है। इससे देश में चिप डिजाइन से जुड़े नए उद्यमों और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

105 से अधिक स्टार्टअप को अत्याधुनिक उपकरणों तक पहुंच

अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सरकार की पिछली पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि ‘आईएसएम 1.0’ के अंतर्गत चिप डिजाइन से जुड़े नए उद्यमों को सहायता देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन स्वचालन उपकरणों की ऊंची लागत को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया था।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से 105 से अधिक चिप डिजाइन स्टार्टअप को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन स्वचालन उपकरणों तक पहुंच उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, 20 स्टार्टअप को उद्यम पूंजी के माध्यम से वित्तीय सहायता भी मिली।

इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन स्वचालन उपकरणों का उपयोग चिप के डिजाइन, परीक्षण और उसके निर्माण से पहले की तकनीकी प्रक्रियाओं में किया जाता है। इन उपकरणों तक पहुंच चिप डिजाइन के क्षेत्र में काम करने वाली नई कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

बड़ी कंपनियों और भारतीय मूल के इंजीनियरों की बढ़ती भागीदारी

मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हुई प्रगति ने सरकार को मौजूदा कार्यक्रम का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों और विदेशों में कार्यरत भारतीय मूल के इंजीनियरों की भागीदारी बढ़ने की बात भी कही। उनके अनुसार, अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत की भागीदारी से देश में चिप डिजाइन के क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से मजबूत हो रहा औद्योगिक आधार

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत में विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश ने सटीक विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने में मदद की है। इन क्षमताओं का लाभ अब विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन विनिर्माण, एयरोस्पेस, विमानन, रक्षा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सटीक विनिर्माण तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सरकार की सेमीकंडक्टर संबंधी पहलों का उद्देश्य देश में चिप डिजाइन, विनिर्माण और उससे जुड़े औद्योगिक ढांचे को विकसित करना है। सेमीकॉन 2.0 के तहत प्रस्तावित विस्तार से चिप डिजाइन के क्षेत्र में नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई गई है।

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