लखनऊ, 11 सितंबर (वेब वार्ता)। बलिया की सात वर्षीय दिव्यांग बेटी रागिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रागिनी से आत्मीयता से बातचीत कर उसके स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवार की जरूरतों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रागिनी के इलाज से लेकर उसकी पढ़ाई जारी रखने और परिवार को आवास उपलब्ध कराने तक हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुलाकात के दौरान रागिनी के माता-पिता और बलिया की भाजपा विधायक केतकी सिंह भी मौजूद रहीं।
ट्राइसिकल की मांग पर तत्काल हुई कार्रवाई
मनियर विकासखंड की दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की रहने वाली रागिनी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। दिव्यांगता के कारण उसे विद्यालय आने-जाने में परेशानी होती थी। रागिनी ने विद्यालय आने-जाने के लिए ट्राइसिकल उपलब्ध कराने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बलिया के जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रागिनी को दो ट्राइसिकल उपलब्ध कराईं। इससे उसके लिए विद्यालय तक पहुंचना आसान हुआ और पढ़ाई जारी रखने में सुविधा मिली।
अब मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान रागिनी के इलाज, संभावित ऑपरेशन, शिक्षा और उसके परिवार के लिए आवास की व्यवस्था को लेकर भी सहायता का भरोसा दिया गया है।
हादसे में घायल हुआ था पैर
रागिनी के पिता देवेंद्र ने बताया कि कई वर्ष पहले सड़क हादसे में उनकी बेटी का पैर टूट गया था। इसके बाद से उसे चलने-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार अपनी सीमित आर्थिक क्षमता के कारण उसके उपचार को लेकर चिंतित था।
मुख्यमंत्री ने रागिनी की स्थिति की जानकारी लेने के बाद उसके इलाज की पूरी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया। परिवार को आवास उपलब्ध कराने और घर के समीप खराब सड़क को ठीक कराने की बात भी कही गई। रागिनी की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रहे, इसके लिए भी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया।
मां ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
रागिनी की मां बबिता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी बेटी के पैर में गंभीर परेशानी है। इसी समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रागिनी के उपचार का पूरा खर्च उठाने और आवश्यक ऑपरेशन की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है।
उन्होंने रागिनी को ट्राइसिकल उपलब्ध कराने तथा गांव की खराब सड़क को ठीक कराने के लिए भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। परिवार को उम्मीद है कि उपचार की समुचित व्यवस्था होने के बाद रागिनी की स्थिति में सुधार आएगा और वह आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेगी।
विधायक केतकी सिंह ने बताया संवेदनशील पहल
भाजपा विधायक केतकी सिंह ने कहा कि रागिनी का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं मामले का संज्ञान लिया और जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रागिनी के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने, ऑपरेशन की व्यवस्था, परिवार को आवास उपलब्ध कराने और घर के पास की खराब सड़क को ठीक कराने का भरोसा दिया है।
विधायक के अनुसार, रागिनी की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस पहल को संवेदनशील प्रशासन और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया।
जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने पर जोर
रागिनी से मुख्यमंत्री की मुलाकात और उसके बाद हुई त्वरित कार्रवाई सरकार के मानवीय सरोकारों को रेखांकित करती है। एक ओर जहां दिव्यांग बच्ची की शिक्षा को जारी रखने के लिए साधन उपलब्ध कराया गया, वहीं उसके उपचार और परिवार की आवास संबंधी जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया। रागिनी के परिवार ने मुख्यमंत्री की पहल के लिए आभार व्यक्त किया। परिवार का कहना है कि उपचार, शिक्षा और आवास के संबंध में मिले आश्वासन से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।




