मुंबई, 22 जुलाई (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बुधवार को दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देंगे। शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह लगभग आठ बजे दिल्ली पहुंचेंगे और इसके बाद करीब 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगे।
शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) इससे पहले भी इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जता चुकी है। पार्टी का कहना है कि वह किसानों, युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलनकारियों के साथ खड़ी है।
इसी क्रम में मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसान और श्रमिक विरोधी नीतियां अपना रही है तथा केवल अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
संजय राउत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और शिक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय को लेकर सोमवार को व्यापक प्रदर्शन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। उनका आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ सख्ती बरती गई। उन्होंने कहा कि सरकार को यह तय करना होगा कि उसकी प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का भविष्य है या केवल राजनीतिक हितों की रक्षा करना।
उधर, उद्धव ठाकरे के दिल्ली दौरे को विपक्षी एकजुटता और आंदोलन को राजनीतिक समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके जंतर-मंतर पहुंचने के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।




