भोपाल, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। भोपाल के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान को लेकर शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक विवादों के बीच संपन्न हुई। मास्टर प्लान लागू नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने बैठक की उपयोगिता पर सवाल उठाए। तीखी नोकझोंक के बाद दोनों विधायक बैठक का बहिष्कार कर बीच में ही बाहर चले गए।
बैठक की अध्यक्षता भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने की। एजेंडे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब तक भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं होता, तब तक विकास कार्यों की समीक्षा करने वाली बैठकों का अपेक्षित औचित्य नहीं रह जाता।
चर्चा के दौरान फंदा जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रमोद सिंह राजपूत के हस्तक्षेप पर दोनों कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि वे सांसद से चर्चा कर रहे हैं और बीच में हस्तक्षेप उचित नहीं है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ समय के लिए बैठक का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कांग्रेस विधायकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी जानी है तो बैठक में बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके बाद दोनों विधायक बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। सांसद आलोक शर्मा ने उन्हें रोकने और चर्चा जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन वे वापस नहीं लौटे।
बैठक के बाद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास के लिए मास्टर प्लान का शीघ्र लागू होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर वह जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मास्टर प्लान को जल्द लागू करने का आग्रह करेंगे।
बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने परियोजना के तहत किए गए कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े निर्माण कार्यों के बावजूद कई स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने व्यावसायिक भूखंडों का आकार छोटा करने का सुझाव भी दिया, ताकि उनकी बिक्री बढ़ सके और परियोजना को अधिक राजस्व प्राप्त हो।
महापौर मालती राय ने स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी शिकायतों के समय पर निराकरण नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस पर कलेक्टर एवं स्मार्ट सिटी बोर्ड के अध्यक्ष प्रियंक मिश्रा ने कहा कि सभी समस्याओं की अलग से समीक्षा कर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
सांसद आलोक शर्मा ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताते हुए स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए एक नोडल एजेंसी गठित करने का सुझाव भी दिया।
बैठक के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कुछ मुद्दों पर भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का प्रशासन को गंभीरता से समाधान करना चाहिए।




