कोलकाता, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित इको पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रस्तावित 125 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। अपने एक दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान अमित शाह ने डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित नेता बताया।
आधारशिला कार्यक्रम के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को लंबे समय तक उचित महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने उनके निधन से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच नहीं होने का भी आरोप लगाया।
घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अवैध घुसपैठियों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की बात दोहराई। साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया है, उनसे कानून के अनुसार जवाब मांगा जाएगा।
नागरिकता और विकास योजनाओं का उल्लेख
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को नागरिकता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की भी बात कही।
समान नागरिक संहिता पर भी दिया संकेत
अमित शाह ने समान नागरिक संहिता के विषय का भी उल्लेख किया और कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
प्रतिमा परिसर में बनेगा शोध संस्थान
गृह मंत्री ने बताया कि इको पार्क में स्थापित की जाने वाली 125 फुट ऊंची प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि इसके परिसर में श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्थान की भी स्थापना की जाएगी। इस संस्थान में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक अध्ययन और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर शोध कार्य किया जाएगा।
पैतृक आवास का भी किया दौरा
आधारशिला समारोह के बाद अमित शाह ने भवानीपुर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक आवास का दौरा किया और उनके जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने कोलकाता में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में भी भाग लिया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे और जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ पूर्ण एकीकरण के प्रबल समर्थक रहे। वर्ष 1953 में श्रीनगर में हिरासत के दौरान उनका निधन हुआ था।




