जींद, 8 जुलाई (वेब वार्ता)। हरियाणा के जींद जिले के चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर जारी आंदोलन अब और व्यापक होने जा रहा है। धरना कमेटी ने आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए आगामी 168 दिनों की रणनीति तैयार की है। इसके तहत रोघी और बूरा खाप से जुड़े 26 गांव भी आंदोलन में सहयोग करेंगे। हालांकि आंदोलन से जुड़े सभी प्रमुख निर्णय लेने का अधिकार चानौत धरना कमेटी के पास ही रहेगा।
धरने के 53वें दिन बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण धरनास्थल पर एकत्र हुए। इस दौरान आयोजित बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न गांवों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
प्रतिदिन एक गांव से पहुंचेगा प्रतिनिधिमंडल
धरना कमेटी के सदस्य अनूप चानौत ने बताया कि 26 गांवों में से प्रत्येक दिन एक गांव के 20 से 30 ग्रामीण धरने में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को एक गांव अपनी 36 बिरादरी के प्रतिनिधियों के साथ चानौत पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देगा।
उन्होंने बताया कि अगले 26 रविवारों का कार्यक्रम पहले ही तैयार कर लिया गया है। इससे लगभग छह महीने तक आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिलता रहेगा और इसकी गति बनी रहेगी।
17 जुलाई को उठेगी पानी की मांग
अनूप चानौत ने बताया कि 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान टी कनेक्शन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में उत्तर भारत की विभिन्न खापों, सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों को भी जोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल सके।
10 जुलाई को होगी अहम बैठक
धरना कमेटी ने बताया कि आगामी रणनीति को अंतिम रूप देने और विभिन्न संगठनों की भूमिका तय करने के लिए 10 जुलाई को चानौत गांव में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें आंदोलन के अगले चरण और कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।




