नई दिल्ली | अब्दुल रशीद | वेब वार्ता
Engineer Salim Statement को लेकर जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष इंजीनियर सलीम ने कहा कि देश में नफ़रत की राजनीति और सामाजिक विभाजन को समाप्त करना केवल किसी एक समुदाय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द में विश्वास रखने वाले सभी न्यायप्रिय नागरिकों का साझा दायित्व है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से प्रेम, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने तथा नफ़रत और भेदभाव का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील की।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष इंजीनियर सलीम का बयान।
- सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों पर दिया जोर।
- नफ़रत और भेदभाव का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील।
- देश की विविधता और गंगा-जमुनी संस्कृति को बताया भारत की पहचान।
- सभी नागरिकों से राष्ट्रीय एकता के पक्ष में खड़े होने का आह्वान।
- संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास बढ़ाने पर बल दिया।
Engineer Salim Statement में सामाजिक सौहार्द पर जोर
इंजीनियर सलीम ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, सहिष्णुता और गंगा-जमुनी संस्कृति रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों से बने देश की एकता बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके अनुसार यदि किसी भी समुदाय के खिलाफ नफ़रत फैलाने की कोशिश होती है तो उसका विरोध पूरे समाज को मिलकर करना चाहिए।
बयान का मुख्य संदेश क्या है?जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष ने कहा कि सामाजिक सद्भाव, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी नागरिकों को मिलकर नफ़रत और भेदभाव का लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना चाहिए।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के पालन की अपील
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। इसलिए किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव, घृणा फैलाने वाले बयानों और सामाजिक ध्रुवीकरण का विरोध संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीकों से किया जाना चाहिए।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| वक्ता | इंजीनियर सलीम |
| संगठन | जमात-ए-इस्लामी हिंद |
| मुख्य विषय | सामाजिक सौहार्द और नफ़रत की राजनीति |
| मुख्य अपील | संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना |
| प्रमुख संदेश | संवाद, सहयोग और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना |
समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील
इंजीनियर सलीम ने कहा कि नफ़रत और सामाजिक विभाजन का प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक नेताओं, शिक्षाविदों और आम नागरिकों से संवाद और पारस्परिक सम्मान का वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मतभेदों का समाधान हिंसा या वैमनस्य के बजाय लोकतांत्रिक संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।
जमात-ए-इस्लामी हिंद की अपीलसंगठन ने देशवासियों से सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और न्याय के पक्ष में खड़े होने तथा संवाद, सहयोग और पारस्परिक सम्मान की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रेस बयान पर आधारित रिपोर्ट
यह समाचार जमात-ए-इस्लामी हिंद द्वारा जारी बयान पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित वक्ता और संगठन के हैं। वेब वार्ता इन विचारों का समर्थन या खंडन नहीं करती।




