मॉस्को | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
US Strikes on Iran को लेकर पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि शनिवार रात अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास स्थित ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेना के अनुसार यह कार्रवाई पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई। वहीं, ईरानी मीडिया ने देश के दक्षिणी हिस्सों में कई स्थानों पर विस्फोट और हमलों की खबर दी है।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।
- सेंटकॉम के अनुसार कार्रवाई एम/टी किकू पर कथित ड्रोन हमले के जवाब में हुई।
- हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में किए गए।
- ईरानी मीडिया ने दक्षिणी क्षेत्रों में विस्फोटों की सूचना दी।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की।
- क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और तनाव को लेकर चिंता बढ़ी।
US Strikes on Iran को लेकर सेंटकॉम ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी नौसेना और वायु सेना ने संयुक्त अभियान चलाकर ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सेंटकॉम के अनुसार यह कार्रवाई होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
सेंटकॉम ने इस सैन्य अभियान का वीडियो भी जारी किया और कहा कि कार्रवाई के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।
U.S. Navy and Air Force fighter jets conducted strikes tonight on 10 Iranian military targets at multiple locations in and near the Strait of Hormuz for Iran’s drone attack on M/T Kiku. pic.twitter.com/Z0TLZRqmF6
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 28, 2026
एम/टी किकू पर कथित हमला क्या था?सेंटकॉम के अनुसार शनिवार सुबह लगभग 4:30 बजे पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर कथित रूप से ईरानी ड्रोन से हमला किया गया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज में 20 लाख बैरल से अधिक तेल लदा हुआ था। इस दावे पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया है। उन्होंने इस कार्रवाई को कथित युद्धविराम उल्लंघन के जवाब में उठाया गया कदम बताया।
ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका आगे और कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
हमले से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कार्रवाई करने वाला पक्ष | अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) |
| निशाना | ईरान के 10 सैन्य ठिकाने |
| स्थान | होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्र |
| कार्रवाई का कारण | एम/टी किकू पर कथित ड्रोन हमला |
| अमेरिकी दावा | मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और रडार साइटों पर हमला |
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट
ईरानी मीडिया के अनुसार केशम द्वीप, सिरिक और बंदर-ए-लेंघे क्षेत्र के आसपास विस्फोट और हमलों की घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान या संभावित हताहतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस घटनाक्रम का क्या असर पड़ सकता है?होर्मुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में शामिल है। इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों की ओर से आगे की स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
क्षेत्र में बढ़ा सामरिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर है।




