नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
ICGS Akshay के भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के बेड़े में शामिल होने के साथ ही देश की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता को नई मजबूती मिली है। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में आयोजित एक समारोह में इस अत्याधुनिक स्वदेशी फास्ट पेट्रोल पोत को औपचारिक रूप से कमीशन किया गया। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान के तहत निर्मित यह पोत समुद्री कानूनों के पालन, खोज एवं बचाव अभियान, तटीय सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करेगा।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- आईसीजीएस अक्षय भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल।
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में हुआ कमीशनिंग समारोह।
- स्वदेशी तकनीक से निर्मित फास्ट पेट्रोल पोत।
- समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव और तटीय निगरानी में निभाएगा अहम भूमिका।
- आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को मिली नई मजबूती।
- कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) दीपक चौबे को सौंपी गई कमान।
ICGS Akshay से भारतीय तटरक्षक बल को क्या मिलेगा?
आईसीजीएस अक्षय के शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल पोत समुद्री सीमाओं की निगरानी के साथ-साथ खोज एवं बचाव अभियानों, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और संकट में फंसे नाविकों की सहायता जैसे अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पोत का नाम ‘अक्षय’ रखा गया है, जिसका अर्थ है अविनाशी। यह भारतीय तटरक्षक बल की अटूट प्रतिबद्धता, साहस और राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।
आईसीजीएस अक्षय की तैनाती क्यों है महत्वपूर्ण?भारत की विस्तृत समुद्री सीमा, बढ़ते समुद्री व्यापार और तटीय सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक फास्ट पेट्रोल पोतों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आईसीजीएस अक्षय समुद्री कानूनों के प्रभावी पालन के साथ-साथ समुद्री पर्यावरण संरक्षण और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक मजबूत करेगा।
कमीशनिंग समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद?
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में आयोजित समारोह में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की अतिरिक्त सचिव श्रीमती परमा सेन (आईएएंडएएस) ने पोत को भारतीय तटरक्षक बल को समर्पित किया। इस अवसर पर पश्चिमी क्षेत्र के कमांडर महानिरीक्षक भीष्म शर्मा (पीटीएम, टीएम), उप महानिदेशक (मानव संसाधन विकास) महानिरीक्षक ज्योतिंद्र सिंह (टीएम), केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आईसीजीएस अक्षय की प्रमुख जिम्मेदारियां
| क्षेत्र | भूमिका |
|---|---|
| समुद्री सुरक्षा | तटीय एवं समुद्री सीमाओं की निगरानी |
| खोज एवं बचाव | संकटग्रस्त नाविकों और जहाजों की सहायता |
| समुद्री कानून | अवैध गतिविधियों पर निगरानी एवं कार्रवाई |
| पर्यावरण संरक्षण | समुद्री प्रदूषण रोकने में सहयोग |
| कमान | कमांडेंट (जूनियर ग्रेड) दीपक चौबे |
स्वदेशी रक्षा निर्माण को मिला नया बल
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा विकसित आईसीजीएस अक्षय भारत की बढ़ती स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का उदाहरण है। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान के तहत रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्वदेशी प्लेटफॉर्म भारत को समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ घरेलू रक्षा उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा देंगे।
आईसीजीएस अक्षय से आगे क्या होगा?आईसीजीएस अक्षय के संचालन से भारतीय तटरक्षक बल के आधुनिकीकरण अभियान को नई गति मिलेगी। यह पोत समुद्री निगरानी नेटवर्क को मजबूत करेगा, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाएगा और सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त समुद्री भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
समुद्री सुरक्षा में बढ़ेगी भारत की क्षमता
भारतीय तटरक्षक बल लगातार आधुनिक जहाजों और तकनीकों को अपने बेड़े में शामिल कर समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ बना रहा है। आईसीजीएस अक्षय का शामिल होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री उपस्थिति और संचालन क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी तकनीक से विकसित ऐसे पोत भविष्य में भारत की समुद्री रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।




