नई दिल्ली, 15 जून (वेब वार्ता)। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित एक पांच मंजिला इमारत में 12 जून की रात लगी भीषण आग को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रारंभिक तौर पर हादसा समझी जा रही यह घटना दरअसल पैसों के विवाद में रची गई एक आपराधिक साजिश निकली। बदले की भावना से की गई आगजनी की इस वारदात में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि मामले में नवजीवन कैंप निवासी सरिता (27), उसके मित्र निरंजन (33) और निरंजन के भाई राजकुमार (27) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, वारदात में कथित रूप से शामिल 17 वर्षीय किशोरी को हिरासत में लेकर बाल न्याय संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस दर्दनाक अग्निकांड में तीसरी मंजिल पर रहने वाले पंकज पांडेय (28), उनकी बहन सोनिया उर्फ सोनी (20) और नानी सुशीला देवी (75) की मौत हो गई थी। इसके अलावा पंकज की मां गुड्डी देवी और बहन मोनी घायल हो गई थीं। पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की पत्नी मुमताज और उनकी दो रिश्तेदार महिलाएं भी आग की चपेट में आकर झुलस गई थीं।
सीसीटीवी फुटेज से खुली साजिश की परतें
पुलिस जांच के दौरान पड़ोसी इमारत में स्थित एक कार्यालय के निगरानी कैमरे की रिकॉर्डिंग महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। फुटेज में एक युवती को आग लगने से कुछ समय पहले इमारत में प्रवेश करते और घटना के तुरंत बाद वहां से निकलते हुए देखा गया। इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर शनिवार रात उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान युवती ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
पैसों के विवाद ने लिया भयावह रूप
जांच में सामने आया कि सरिता का इमारत की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। दीपक, निरंजन का चचेरा भाई बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के चलते सरिता ने दीपक से बदला लेने की योजना बनाई और उसके वाहन को निशाना बनाने का फैसला किया। आरोप है कि सरिता ने निरंजन और राजकुमार के साथ मिलकर दीपक की स्कूटी में आग लगाने की साजिश रची, ताकि उसे नुकसान पहुंचाया जा सके।
वारदात के लिए नाबालिग का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, साजिश को अंजाम देने के लिए 17 वर्षीय किशोरी को चुना गया। उसे पेट्रोल और माचिस सरिता द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। किशोरी ने इमारत के भीतर खड़ी स्कूटी में आग लगा दी। हालांकि, आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। एक मामूली रंजिश ने देखते ही देखते तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।
पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। इस घटना ने राजधानी में घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और आपराधिक प्रवृत्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




