नई दिल्ली, 12 जून (वेब वार्ता)। ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय “डायरेक्टर क्लब” का शुक्रवार को दिल्ली में भव्य शुभारंभ हुआ। 11 से 15 जून तक चलने वाली इस विशेष कार्यशाला का उद्देश्य रंगकर्मियों को निर्देशन की बारीकियों से प्रशिक्षित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे केवल सरकारी सहयोग पर निर्भर न रहें।
कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ रंगकर्मी प्रोफेसर रवि चतुर्वेदी और ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव सतीश कुंदन ने किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सतीश कुंदन ने कहा कि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन की प्रतिभा को विकसित करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह पहल रंगकर्मियों को व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रोफेसर रवि चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक निर्देशक को इतिहास और नाट्यशास्त्र का गहन अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने निर्देशन की विभिन्न पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि एक सफल निर्देशक के लिए विषय की समझ, प्रस्तुति शैली और कलाकारों के साथ संवाद की कला अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान प्रतिभागियों के साथ प्रश्नोत्तर आधारित गोलमेज चर्चा का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिन रेडियो नाटक निर्देशन का अनुभव रखने वाली काजल सूरी ने प्रतिभागियों को ध्वनि संयोजन और वॉयस मॉड्यूलेशन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। वहीं दूसरे सत्र में प्रख्यात नाटककार, इतिहासकार और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रताप सहगल ने नाट्य लेखन की जटिलताओं पर विस्तृत चर्चा की।
प्रताप सहगल ने कहा कि समय के साथ लेखक की दृष्टि और लेखन शैली में बदलाव आवश्यक होता है। एक संवेदनशील लेखक को अपने परिवेश, सामाजिक परिस्थितियों और बदलती मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए अपनी लेखनी को दिशा देनी चाहिए।
दिल्ली की प्रतिष्ठित नाट्य संस्था ड्रामाटर्जी के स्टूडियो में आयोजित इस कार्यशाला के समन्वयक ऑल इंडिया थिएटर काउंसिल के राष्ट्रीय सचिव सुनील चौहान हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन में देश के सात राज्यों के रंगनिर्देशक भाग ले रहे हैं।
कार्यशाला में राजस्थान से देशराज मीणा, दिल्ली से प्रताप सिंह, प्रदीप बाजपेयी, साक्षी चौहान और अशोक मेहरा, झारखंड से शिवलाल सागर, सतीश कुंदन, नीतीश आनंद, सुमन सौरव, अमितेश सिंह और उषा मिश्रा, ओडिशा से रामचंद्र सासमल, कैलाश पाणिग्रही, प्रशांत महाराणा, बिश्वंभऱ साहू, रवि रंजन बेहरा, विश्वजीत साहू, रवि प्रधान और राजगोपाल पाढ़ी, उत्तर प्रदेश से अभय सिंह कुशवाहा और अष्टभुजा मिश्रा, मध्य प्रदेश से सुनील राज और आरती विश्वकर्मा तथा पश्चिम बंगाल से सैयद तनवीर अहमद सहित अनेक रंगकर्मी सहभागिता कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदीप कुमार, देवांश, अंश, सक्षम मिश्रा, काजल, प्राची, ऋत्विक उपाध्याय और सागर सांवत आयोजन में सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कलाकारों की रेल रियायत बहाली के लिए होगा धरना
कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की गई कि 16 जून को कलाकारों के लिए रेल यात्रा रियायत बहाल करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि कोरोना महामारी से पहले कलाकारों और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में शयनयान श्रेणी में 75 प्रतिशत तथा प्रथम श्रेणी में 50 प्रतिशत तक की रियायत मिलती थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। अब इस सुविधा को पुनः लागू कराने के लिए देशभर के कलाकार आवाज बुलंद करेंगे।




