फरीदाबाद, 02 जून (वेब वार्ता)। फरीदाबाद के एनआईटी-3 क्षेत्र में प्रशासन ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए मस्जिद और मंदिर सहित लगभग 20 अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों के अनुपालन में की गई। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई क्षेत्र में प्रस्तावित क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली कॉरिडोर और एलिवेटेड सड़क परियोजना के लिए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई। अभियान के तहत दो धार्मिक स्थलों, आठ मकानों और दस दुकानों समेत कुल 20 अवैध ढांचों को हटाया गया।
तड़के शुरू हुआ अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, अभियान सुबह होने से पहले शुरू किया गया और कई घंटों तक लगातार चलता रहा। नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। ध्वस्त किए गए ढांचों का मलबा हटाने का कार्य भी साथ-साथ जारी रखा गया।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी संख्या में मशीनों और कर्मचारियों को लगाया गया था।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए विशेष निगरानी रखी।
अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से क्षेत्र विशेष में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, सामूहिक संदेश सेवाओं और कुछ अन्य संचार सुविधाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई
अभियान के दौरान राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कांग्रेस विधायक आफताब अहमद घटनास्थल पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध जताया। हालांकि सुरक्षा कारणों से उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
एनजीटी आदेशों के तहत हुई कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह अभियान राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माणों की पहचान कर उनकी सूची पहले ही संबंधित प्राधिकरणों को उपलब्ध कराई जा चुकी थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी और सार्वजनिक परियोजनाओं में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही, हालांकि प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों के जरिए यातायात संचालन को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया। फिलहाल मलबा हटाने और क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने का कार्य जारी है।




