रायपुर, 27 मई (वेब वार्ता)। राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने अब जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से खुद को पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का निजी सहायक बताकर 10 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ने फोन कर स्वयं को भाजपा के एक बड़े नेता का निजी सहायक बताया। उसने बातचीत के दौरान रास्ते में फंसने और वाहन में डीजल भरवाने के लिए तत्काल आर्थिक मदद की जरूरत होने की बात कही। भरोसा कायम करने के लिए आरोपी ने अपने सामाजिक मीडिया प्रोफाइल पर कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें भी लगा रखी थीं।
बताया गया कि आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए विधायक पुरंदर मिश्रा ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के माध्यम से आरोपी के बताए बैंक खाते में 10 हजार रुपये स्थानांतरित करवा दिए। हालांकि कुछ समय बाद आरोपी ने फिर से पैसों की मांग की, जिससे विधायक को संदेह हुआ।
संदेह होने पर पुरंदर मिश्रा ने संबंधित नेता के कार्यालय से संपर्क कर जानकारी ली। जांच में पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत ही नहीं है। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ और मामले की शिकायत खम्हारडीह थाने में दर्ज कराई गई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल नंबर और बैंक खाते के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है और जल्द ही आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए, विशेषकर जब पैसों की मांग की जाए। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति या कार्यालय से सीधे पुष्टि करना जरूरी है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में राजधानी में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक व्यक्तियों से जुड़ी आपराधिक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ दिन पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से जुड़ी मोबाइल लूट की घटना भी चर्चा में रही थी। ऐसे में यह नया मामला साइबर सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




