रायपुर, 24 मई (वेब वार्ता)। रायपुर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब से संचालित अंतर्राज्यीय हेरोइन सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। कबीर नगर थाना पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 56.19 ग्राम हेरोइन, एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह लंबे समय से पंजाब से रायपुर तक “चिट्टा” की आपूर्ति कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई, जिसमें बीएसयूपी कॉलोनी जरीवाय क्षेत्र में एक युवक और महिला द्वारा नशीले पदार्थ की बिक्री के लिए ग्राहक तलाशने की जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया।
तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 9.19 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने पंजाब निवासी चरणजीत सिंह उर्फ सोनू का नाम सामने रखा, जिसे रायपुर में हेरोइन सप्लाई नेटवर्क की मुख्य कड़ी बताया गया।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई तेज की। जांच में पता चला कि चरणजीत सिंह एक नई खेप लेकर रायपुर पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही कबीर नगर थाना पुलिस ने सोनडोंगरी तालाब क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 47 ग्राम हेरोइन और मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चरणजीत सिंह पहले से कई मादक पदार्थ तस्करी मामलों में शामिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार उस पर लगभग 400 ग्राम हेरोइन तस्करी से जुड़े मामले में फरार रहने का आरोप था। इससे पहले भी आमानाका थाना क्षेत्र में उसे 150 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा जा चुका था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फिर से तस्करी के कारोबार में सक्रिय हो गया।
जांच में आरोपी के भाई लवजीत सिंह उर्फ बंटी का नाम भी सामने आया है, जिसे पुलिस ने हेरोइन नेटवर्क से जुड़ा पाया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने की रणनीति के तहत अंजाम दी गई। खुदरा विक्रेताओं से लेकर मुख्य सप्लायर तक की कड़ियों को चिन्हित कर नेटवर्क को तोड़ने का प्रयास किया गया है।
कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार वेस्ट जोन में गठन के बाद अब तक मादक पदार्थ कानून के तहत 44 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब आर्थिक जांच के जरिए नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की तैयारी में जुटी है।




