राज्यमध्य प्रदेशउज्जैन में शुरू होंगे कचरा कैफे, कबाड़ के...

उज्जैन में शुरू होंगे कचरा कैफे, कबाड़ के बदले मिलेगा कूपन और सामान

उज्जैन, 19 मई (वेब वार्ता)। शहर में स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। “कबाड़ से जुगाड़” अभियान के तहत उज्जैन में तीन अलग-अलग स्थानों पर कचरा कैफे शुरू किए जाएंगे, जहां लोग प्लास्टिक, कागज, ई-वेस्ट और अन्य उपयोगी कचरा जमा कर न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे, बल्कि बदले में कूपन लेकर खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी हासिल कर पाएंगे।

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य कचरे की आर्थिक उपयोगिता बढ़ाने के साथ-साथ वेस्ट मैनेजमेंट को व्यवहारिक रूप देना है। उन्होंने कहा कि कचरा कैफे के संचालन में महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

आयुक्त के अनुसार नगर निगम कैफे संचालकों को प्रत्यक्ष भुगतान नहीं करेगा। निगम केवल बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा, जबकि उसका खर्च चयनित एजेंसी को वहन करना होगा। कचरा कैफे संचालन की अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है और संतोषजनक कार्य होने पर अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

नगर निगम ने इसके लिए तीन स्थानों का चयन किया है। पहला केंद्र फ्रीगंज में सेठी बिल्डिंग के सामने लगभग 2500 वर्गफुट क्षेत्र में बनाया जाएगा। दूसरा केंद्र नानाखेड़ा बस स्टैंड के पास 150 वर्गफुट क्षेत्र में और तीसरा महाकाल मंदिर के पीछे चारधाम पार्किंग क्षेत्र के समीप 150 वर्गफुट में विकसित किया जाएगा।

योजना के तहत लोग पुराने अखबार, किताबें, कार्टन, कपड़े, ई-वेस्ट और अन्य कबाड़ सामग्री जमा कर सकेंगे। इसके बदले उन्हें डिजिटल कॉइन या ऑनलाइन कूपन दिए जाएंगे, जिनका उपयोग कैफे में उपलब्ध खाद्य सामग्री या वेस्ट से बने उपयोगी उत्पाद खरीदने में किया जा सकेगा।

कचरा कैफे में अलग-अलग प्रकार के कचरे के लिए चार विशेष बॉक्स रखे जाएंगे। इनमें सूखा कचरा, ई-वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट और घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। कचरे को वजन के आधार पर खरीदा जाएगा और उसी अनुसार लोगों को कूपन उपलब्ध कराए जाएंगे।

नगर निगम ने संचालन प्रक्रिया के लिए भी नियम तय किए हैं। जिस एजेंसी की ओर से सबसे अधिक रॉयल्टी देने का प्रस्ताव मिलेगा, उसे संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। चयनित एजेंसी को 50 हजार रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी जमा करनी होगी और प्रत्येक माह की पहली से पांच तारीख के बीच रॉयल्टी जमा करना अनिवार्य रहेगा।

नगर निगम का मानना है कि यह पहल केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर में पुनर्चक्रण संस्कृति को बढ़ावा देने और स्व-सहायता समूहों के लिए आय का नया माध्यम बनने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -