कानपुर, 13 मई (हरी शंकर शर्मा)। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपनी ‘प्रयास’ पहल के जरिए पेंशन वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई यानी पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि सेवानिवृत्ति के दिन ही उनके हाथ में पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) सौंप दिया जाएगा।
विदाई के साथ ही वित्तीय सुरक्षा की गारंटी
अक्सर देखा जाता था कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी अपने ही पैसों और पेंशन के लिए महीनों तक विभागों और कार्यालयों की चौखट लांघते थे। दस्तावेजी औपचारिकताओं और देरी के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। लेकिन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कार्यरत (ईपीएफओ) ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है। “प्रयास” का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (ईपीएस-1995) के पात्र सदस्यों को उनके सेवाकाल के आखिरी दिन ही पेंशन भुगतान आदेश उपलब्ध कराना है।
डिजिटल इंडिया से बढ़ी पारदर्शिता
समय के साथ (ईपीएफओ) ने अपनी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। ‘प्रयास’ पहल इसी डिजिटल बदलाव का एक हिस्सा है। इसके तहत त्वरित प्रक्रिया रिटायरमेंट से पहले ही ईपीएफओ कर्मचारी के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लेता है। जिस दिन कर्मचारी का विदाई समारोह होता है, उसी दिन उसे पीपीओ देकर उसे वित्तीय सुरक्षा का भरोसा दिया जाता है। इस “प्रयास” पहल से पेंशनरो को जहां भागदौड़ से मुक्ति मिलेगी तो वहीं अब दस्तावेजों के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने और बिचौलियों की निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का कवच
ईपीएफओ न केवल भविष्य निधि (पीएफ), बल्कि पेंशन और बीमा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएँ भी प्रदान करता है। ‘प्रयास’ पहल के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित किया है, कि जो कर्मचारी अपने जीवन के 30-35 साल देश और संस्था की सेवा में देता है, उसे अपने बुढ़ापे की लाठी यानी पेंशन के लिए कभी परेशान न होना पड़े। अब कानपुर सहित पूरे देश के कर्मचारी अपनी सेवानिवृत्ति के बाद बिना किसी आर्थिक चिंता के एक सम्मानजनक और सुखद जीवन की शुरुआत कर सकेंगे।




