ऋषिकेश, 13 मई (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के एक युवक ने गुरु भक्ति और समर्पण की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने लोगों को भावुक कर दिया है। जबलपुर जिले के सीओर गांव निवासी 20 वर्षीय दुर्गेश पंत अपने दिव्यांग गुरु बाबा विक्रम को पीठ पर बैठाकर केदारनाथ धाम की कठिन यात्रा पर निकले हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य अपने गुरु को बाबा केदार के दर्शन कराना है।
जानकारी के अनुसार, दुर्गेश पिछले करीब दस वर्षों से 48 वर्षीय बाबा विक्रम के सानिध्य में हैं। बचपन से दिव्यांग बाबा विक्रम ने जब केदारनाथ धाम जाने की इच्छा व्यक्त की, तब दुर्गेश ने इसे अपना धर्म और सौभाग्य मानते हुए उन्हें यात्रा कराने का संकल्प लिया।
आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दुर्गेश ने किसी वाहन का सहारा नहीं लिया। उन्होंने अपने गुरु को पीठ पर उठाकर पैदल ही यात्रा शुरू कर दी। मंगलवार को यह गुरु-शिष्य जोड़ी चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश पहुंची, जहां उन्हें देखकर लोग भावुक हो उठे।
श्रद्धालुओं ने इस अनोखी यात्रा को देखकर दुर्गेश की सराहना की। कई लोगों ने उनके लिए पानी और अन्य आवश्यक चीजों की व्यवस्था की, जबकि अन्य श्रद्धालुओं ने उनकी सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। दुर्गेश सोमवार सुबह ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे थे और वहां से पैदल ऋषिकेश पहुंचे।
दुर्गेश ने बताया कि उनके गुरु ने हमेशा जीवन में सही मार्ग दिखाया है। कठिन समय में बाबा विक्रम ने उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु उनके लिए भगवान के समान हैं और उनकी इच्छा पूरी करना ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूजा है।
दुर्गेश ने दृढ़ता से कहा कि चाहे रास्ते में कितनी भी कठिनाइयां आएं, वह अपने गुरु को केदारनाथ धाम तक जरूर लेकर जाएंगे। गुरु और शिष्य के बीच श्रद्धा, विश्वास और त्याग की यह कहानी समाज को यह संदेश दे रही है कि सच्चे रिश्ते केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निष्ठा और समर्पण से निभाए जाते हैं।




