द हेग, 12 मई (वेब वार्ता)। कैनरी आइलैंड्स में लंगर डाले क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर हंता वायरस संक्रमण के मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जहाज पर फ्रांस और अमेरिका के यात्रियों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने पूरे जहाज को खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रभावित यात्रियों को विशेष निगरानी में उनके देशों तक पहुंचाया जा रहा है।
फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट के अनुसार संक्रमित फ्रांसीसी महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। वहीं, स्पेन के टेनेरिफ तट पर स्वास्थ्य और बचाव एजेंसियां युद्ध स्तर पर अभियान चला रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
अमेरिका भेजे गए यात्रियों में से 17 लोगों को नेब्रास्का स्थित विशेष जैव सुरक्षा इकाई में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक एक यात्री बिना लक्षण के संक्रमित पाया गया है, जबकि दूसरे में हल्के लक्षण दिखाई दिए हैं। सभी यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है। यह वही उच्च सुरक्षा इकाई है जहां पहले इबोला और कोविड-19 जैसे गंभीर संक्रमणों का इलाज किया जा चुका है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। संगठन के अनुसार हंता वायरस सामान्यतः संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या उनके संपर्क से फैलता है और आम परिस्थितियों में इंसानों के बीच इसका प्रसार बहुत सीमित रहता है। हालांकि जहाज पर पाए गए ‘एंडीज वायरस’ प्रकार ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह दुर्लभ परिस्थितियों में इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।
डब्लूएचओ ने सभी प्रभावित देशों को यात्रियों की निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध मामलों को तुरंत पृथक करने और लंबे समय तक स्वास्थ्य परीक्षण जारी रखने की सलाह दी है। संगठन के अनुसार अब तक कई पुष्ट और संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं तथा तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस वायरस को वैश्विक महामारी जैसी स्थिति नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इसका संक्रमण कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता। फिर भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां एहतियात के तौर पर हर संभावित संपर्क की पहचान करने और निगरानी रखने में जुटी हुई हैं।




